पंजाब में रोजगार के नए अवसर: सरकारी और निजी क्षेत्र में बढ़ती नौकरियां
पंजाब में रोजगार की स्थिति
63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी हजारों कुशल युवाओं को मिला रोजगार
चंडीगढ़: पंजाब में नौकरी और रोजगार अब केवल एक सपना नहीं रह गया है, बल्कि यह हकीकत बन चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत, राज्य के विभिन्न विभागों में लगातार सरकारी नौकरियों की भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही, बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता से उद्योगों की स्थापना हो रही है, जिससे नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने युवाओं के विदेश जाने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए, अप्रैल 2022 से अब तक 61,000 से अधिक सरकारी नौकरियों का सृजन किया गया है। इसके अलावा, निजी क्षेत्र में भी कुशल युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
वर्ष 2025 के दौरान 959 प्लेसमेंट कैंपों के माध्यम से 48,912 उम्मीदवारों को रोजगार दिलाने में मदद की गई है। इसके अतिरिक्त, लोन कैंपों के जरिए 10,064 युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। पंजाब कौशल विकास मिशन (पीएसडीएम) के तहत 19,619 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनकी प्लेसमेंट प्रक्रिया जारी है।
पंजाब ने अपनी कौशल विकास योजना तैयार की है, जिसमें तकनीकी दिग्गज कंपनियों जैसे माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम और नैसकॉम के सहयोग से युवाओं को वैश्विक और कॉरपोरेट क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार भी मान सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में, 800 डॉक्टरों की भर्ती पूरी की गई है, जिसमें बाल रोग, मेडिसिन, प्रसूति एवं स्त्री रोग और सर्जरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों के 175 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं।
राज्य का आधिकारिक पोर्टल पीजीआरकेएएम रोजगार बाजार में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा है, जिस पर 22,41,165 से अधिक नौकरी तलाशने वालों और 20,669 नियोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 1316 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिससे नए रोजगार के अवसरों तक पहुंच संभव हुई है।
पंजाब की रक्षा प्रशिक्षण संस्थाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर मानक स्थापित किए हैं। महाराजा रणजीत सिंह आम्र्ड फोर्सेज़ प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट (एमआरएसएएफपीआई) ने एनडीए में 82.45 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की है। वर्ष 2025 में 34 कैडेट राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल हुए और 17 कैडेटों को रक्षा बलों में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हर नौकरी, हर कौशल प्रशिक्षण और सभी उद्यमी राज्य की सबसे मूल्यवान पूंजी हैं, जो युवाओं के पलायन को रोकने में सहायक सिद्ध होंगे। सरकार के प्रयास रोजगार के नए अवसरों के लिए एक मजबूत वातावरण तैयार कर रहे हैं, जिससे पंजाब के युवाओं को राज्य के भीतर ही एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य मिल रहा है। (ADVERTORIAL)