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पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ भगवंत मान सरकार का सख्त अभियान

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए एक अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है। 'गैंगस्टरों के खिलाफ जंग' नामक इस मुहिम में पुलिस ने व्यापक छापेमारी की, जिसमें हजारों अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस अभियान का उद्देश्य न केवल गिरफ्तारी करना है, बल्कि गैंगस्टरों के वित्तीय स्रोतों और नेटवर्क को भी समाप्त करना है। स्थानीय निवासियों ने इस सक्रियता का स्वागत किया है, जिससे उन्हें सुरक्षा का अनुभव हो रहा है। जानें इस अभियान के प्रभाव और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
 

चंड़ीगढ़ में अपराध पर नियंत्रण की नई पहल


चंड़ीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने संगठित अपराध पर काबू पाने के लिए एक अभूतपूर्व मुहिम शुरू की है। 'गैंगस्टरों के खिलाफ जंग' नामक इस अभियान के तहत पुलिस ने राज्यभर में तेजी से छापेमारी की। जनवरी से मार्च 2026 के बीच की गई पुलिस कार्रवाई ने गैंगस्टर नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। न केवल अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि उनके सहयोगियों और रिश्तेदारों को भी निशाना बनाया गया। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि पंजाब में अब अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है।


छापेमारी का व्यापक दायरा

पुलिस ने 20 जनवरी से 15 मार्च 2026 के बीच कुल 44,787 छापे मारे। इन छापों में 14,894 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 14,561 वांछित अपराधी और 333 सहयोगी शामिल हैं। इसके अलावा, 714 ऐसे घोषित अपराधी भी पकड़े गए जो लंबे समय से फरार थे। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि पुलिस ने लगातार काम किया और हर संभावित ठिकाने पर पहुंची। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस सक्रियता का स्वागत किया है, जिससे उन्हें रात में बाहर निकलने में डर नहीं लगता। कई गांवों और शहरों में अपराध की घटनाएं पहले से काफी कम हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक बदलाव लाने के लिए है।


निवारक कार्रवाई की प्रभावी रणनीति

अपराधों को रोकने के लिए पुलिस ने 7,494 लोगों को निवारक हिरासत में रखा। इनमें 7,210 वांछित अपराधी और 284 उनके सहयोगी शामिल हैं। इस कदम ने कई बड़े अपराधों की योजनाओं को विफल कर दिया। पुलिस ने उन लोगों पर भी नजर रखी जो गैंगस्टरों को आर्थिक सहायता या ठिकाना प्रदान करते थे। इस रणनीति ने गैंगस्टरों के मनोबल को तोड़ दिया है और नए सदस्यों की भर्ती की कोशिशों को भी बाधित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवारक हिरासत जैसी कार्रवाई भविष्य में अपराध दर को और कम करेगी। आम नागरिक अब महसूस कर रहे हैं कि सरकार उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीर है।


हथियारों और सामग्री की बरामदगी

इस अभियान के दौरान पुलिस ने 301 हथियार, 125 धारदार हथियार, 921 राउंड गोला-बारूद और 81 मैगजीन जब्त कीं। इसके अलावा, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और छह हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुए। पुलिस ने 4,070 मोबाइल फोन, 548 वाहन और 10 ड्रोन भी कब्जे में लिए। नकद 45.6 लाख रुपये और 262 ग्राम सोना भी जब्त किया गया। ये सामान गैंगस्टरों की लॉजिस्टिक और संचार व्यवस्था को दर्शाते हैं। जब्ती ने उनके ऑपरेशन चलाने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। पुलिस टीमों ने दिन-रात मेहनत करके इन नेटवर्कों को कमजोर किया है।


सरकार का कठोर रुख और भविष्य की योजनाएं

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है। इस अभियान का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि गैंगस्टरों के वित्तीय स्रोत, संचार नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह समाप्त करना है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक पंजाब से संगठित अपराध की जड़ें उखड़ नहीं जातीं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अभियान की निरंतरता से गैंगस्टर और ड्रग सिंडिकेट कमजोर हो रहे हैं। पंजाब पुलिस इस अभियान को और तेज करने के लिए तैयार है ताकि राज्य में शांति और सुरक्षा बनी रहे।