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पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई: 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान की सफलता

पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान ने तीन महीने में कई सफलताएँ हासिल की हैं। इस अभियान के तहत 62,302 छापे मारे गए, जिसमें 22,605 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की बरामदगी की है। एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा कि यह अभियान गैंगस्टरों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए है। पंजाब सरकार ने इस मुहिम को और तेज करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है।
 

मुख्यमंत्री की निगरानी में चल रहा अभियान


चंडीगढ़: पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा पूरे राज्य में चलाए जा रहे मुख्य एंटी-गैंगस्टर अभियान 'गैंगस्टरां ते वार' के तीन महीने पूरे हो चुके हैं। यह अभियान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की निगरानी में और डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में पंजाब पुलिस द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह ऑपरेशन ठोस कार्रवाई का एक मॉडल बनकर उभरा है, जो भारत के अंदर और विदेशों से चल रहे गैंगस्टर नेटवर्क को निशाना बनाते हुए पंजाब को अपराध-मुक्त बनाने के स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है।


अभियान का उद्देश्य और कार्रवाई

20 जनवरी को शुरू किए गए इस अभियान का मकसद केवल गैंगस्टरों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके लॉजिस्टिक नेटवर्क, फंडिंग और संचार प्रणाली को भी समाप्त करना है।


पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में मारे 62,302 छापे:


पिछले तीन महीनों में 19 अप्रैल तक पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में 62,302 छापे मारे, जिनमें 915 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर 22,605 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 461 गैंगस्टरों के साथी और 22,144 वांछित मुलजिम शामिल हैं।


हथियार और विस्फोटक की बरामदगी

बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद:


गिरफ्तारियों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए, जिससे अपराधी नेटवर्क की कार्यक्षमता कमजोर हुई। पुलिस ने इस दौरान 408 हथियार, 148 धारदार हथियार, 1197 कारतूस, 122 मैगजीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 6 हैंड ग्रेनेड बरामद किए।


इस अभियान ने नशा नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया। पुलिस ने 378.45 किलोग्राम हेरोइन, 301.947 किलोग्राम अफीम, 2,838.77 किलोग्राम भूक्की, 12,37,318 नशीली गोलियां, 7373.82 ग्राम नशीला पाउडर, 101.459 किलोग्राम गांजा और 790 ग्राम 'आईईसी' बरामद किया। इसके अलावा 1,05,31,171 रुपये की ड्रग मनी, 50,66,740 रुपये नकद और 273 ग्राम सोना भी जब्त किया गया।


अवैध शराब और गैंगस्टर नेटवर्क पर कार्रवाई

24,520.25 लीटर अवैध शराब जब्त:


अवैध व्यापार पर लगाम लगाते हुए पुलिस ने 24,520.25 लीटर अवैध शराब भी जब्त की, जिसमें 10,984.75 बोतलें और 176 पेटियां शामिल हैं। गैंगस्टरों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए 4,229 मोबाइल फोन, 815 वाहन और 31 ड्रोन बरामद किए गए।


एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा, 'यह अभियान सिर्फ गैंग या उनके नेटवर्क की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें जड़ से खत्म करना है। हर पुलिस कर्मचारी राज्य के नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए इस अभियान को और तेज करने के लिए वचनबद्ध है। इस दौरान हर जिले, गांव और शहर में स्थानीय गैंगस्टर नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है।'


पुलिस की सक्रियता और भविष्य की योजनाएं

गैंगस्टर के समर्थकों में भी कार्रवाई का डर:


उन्होंने आगे कहा, 'तीन महीनों में इस अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है। अब सिर्फ गैंगस्टर ही नहीं, बल्कि उनके समर्थक भी कार्रवाई से डर रहे हैं। पुलिस की सक्रिय भूमिका और गिरफ्तारियों तथा बरामदगियों का स्तर इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।'


नशों के खिलाफ चल रहे अभियान से प्रेरणा लेते हुए पंजाब सरकार ने इस मुहिम को संगठित अपराध पर एक व्यापक प्रहार के रूप में तैयार किया है। इस ऑपरेशन में अपराधियों की ट्रैकिंग और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है। साथ ही नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और विश्वसनीय सूचना पर इनाम देने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन (93946-93946) भी शुरू की गई है।


पंजाब में 'गैंगस्टर कल्चर' के लिए कोई जगह नहीं- पुलिस


एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा, 'अब पंजाब पुलिस के पास 'गैंगस्टरों पर वार' ऑपरेशन के माध्यम से अपराधियों को तेजी से ट्रैक करने के लिए व्यापक डाटा मौजूद है। पंजाब में 'गैंगस्टर कल्चर' के लिए कोई जगह नहीं है और पुलिस इसे सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है। इस ऑपरेशन ने कई मामलों को सुलझाने में मदद की है और अन्य राज्यों में अपराधों में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की है। इन गिरोहों के नेटवर्क और फंडिंग को काफी हद तक प्रभावित किया गया है और यह अभियान आगे भी और अधिक सतर्कता के साथ जारी रहेगा।'