×

पंजाब में सरकारी स्कूलों में एआई शिक्षा अनिवार्य, नया पाठ्यक्रम लागू

पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई को अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस नए पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया, जिससे पंजाब एआई को अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। पाठ्यक्रम को छात्रों की आयु और समझ के अनुसार तैयार किया गया है और इसे हर छह महीने में अपडेट किया जाएगा। अन्य राज्यों में भी एआई शिक्षा का विस्तार हो रहा है। जानें इस महत्वपूर्ण बदलाव के बारे में और कैसे यह छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
 

पंजाब सरकार का ऐतिहासिक कदम


पंजाब सरकार ने शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन करते हुए सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से बारहवीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई को अनिवार्य बना दिया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस नए पाठ्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कदम के साथ, पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने एआई को केवल वैकल्पिक कौशल के रूप में नहीं, बल्कि अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया है।


आधुनिक तकनीकों की आवश्यकता

सरकार का मानना है कि तेजी से बदलती तकनीक और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों की समझ प्रदान करना आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण के तहत यह पाठ्यक्रम विकसित किया गया है।


पाठ्यक्रम की संरचना

नई व्यवस्था के अनुसार, विभिन्न कक्षाओं के छात्रों के लिए उनकी आयु और समझ के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को खेल-खेल में कोडिंग, तार्किक सोच और कंप्यूटर की मूल बातें सिखाई जाएंगी। वहीं, छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों को डिजिटल कौशल और एआई की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित कराया जाएगा। नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, एआई मॉडल, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और आधुनिक एआई उपकरणों के उपयोग जैसे विषयों का अध्ययन कराया जाएगा, ताकि वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।


पाठ्यक्रम का अद्यतन

सरकार ने यह भी तय किया है कि एआई का पाठ्यक्रम हर छह महीने में अपडेट किया जाएगा। नई तकनीकों, उद्योग की बदलती आवश्यकताओं और वैश्विक विकास को ध्यान में रखते हुए इसमें समय-समय पर संशोधन किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को हमेशा नवीनतम तकनीकी जानकारी प्राप्त होती रहेगी। शिक्षा विभाग ने एआई की प्रायोगिक पुस्तकों की छपाई और वितरण भी शुरू कर दिया है, और अगले 15 दिनों में नई किताबें स्कूलों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षकों के लिए विशेष मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे इस विषय का प्रभावी ढंग से अध्यापन कर सकें।


अन्य राज्यों में एआई शिक्षा का विस्तार

देश के कई अन्य राज्यों में भी स्कूल स्तर पर एआई शिक्षा की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक एआई मॉड्यूल पढ़ाए जा रहे हैं, जबकि तमिलनाडु में छठी से बारहवीं कक्षा तक एआई, डेटा साइंस और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। कर्नाटक में सरकारी स्कूलों में एआई आधारित डिजिटल शिक्षण प्रणाली लागू है। ओडिशा में एआई लैब मॉडल विकसित किए जा रहे हैं और झारखंड में एक हजार सरकारी स्कूलों में एआई संचालित स्मार्ट कक्षाएं शुरू की जा रही हैं।