पंजाब में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए नई पहल
पंजाब सरकार का उद्यमिता को प्रोत्साहन
पंजाब में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवा उद्यमियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित करते हुए कहा कि युवाओं को नौकरी की तलाश करने के बजाय खुद रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उनका मानना है कि एक मजबूत स्टार्टअप संस्कृति के विकास से नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे और युवाओं का विदेशों की ओर पलायन भी कम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और मेहनत की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही अवसर और प्रारंभिक सहयोग की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ सरकार लगातार स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित कर रही है।
स्टार्टअप और औद्योगिक नीति 2026
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब स्टार्टअप और औद्योगिक नीति 2026 के तहत स्टार्टअप्स को मिलने वाली आर्थिक सहायता को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत सात स्टार्टअप्स को 5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3 लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की गई है। सरकार का मानना है कि यह सहायता शुरुआती चरण में कारोबार शुरू करने वाले युवाओं के लिए अत्यंत सहायक होगी। इससे उन्हें अपने विचारों को वास्तविक व्यवसाय में बदलने का अवसर मिलेगा।
नवाचार के क्षेत्र में विविधता
चयनित स्टार्टअप्स विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं, जिनमें कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी, वस्त्र, निर्माण और प्रशासनिक सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य ऐसे नए विचारों और तकनीकी नवाचारों पर निर्भर करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये स्टार्टअप्स आने वाले समय में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
शिक्षा संस्थानों की भूमिका
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित होना चाहिए। उनका कहना था कि जब छात्रों के विचार क्लासरूम से निकलकर उत्पाद और कंपनियों का रूप लेते हैं, तभी वास्तविक आर्थिक विकास संभव होता है। इसी उद्देश्य से सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर काम कर रही है।
युवाओं को प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने मुख्यमंत्री से कहा कि उसने सरकारी नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू किया है, लेकिन उसका नाम चयनित स्टार्टअप्स की सूची में नहीं आया। इस पर मुख्यमंत्री ने उसे निराश न होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक है। अपने स्टार्टअप को बेहतर बनाते रहिए, अगली बार सफलता अवश्य मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपने प्रारंभिक करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने भी एक नए विचार के साथ काम शुरू किया था और लोगों ने शुरुआत में उस पर सवाल उठाए थे, लेकिन निरंतर मेहनत और विश्वास ने उसे सफल बनाया।