×

पंजाब विधानसभा चुनाव: केजरीवाल ने विपक्ष पर किया जोरदार हमला

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने विपक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भाजपा और अकाली दल को नशे के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा किया और AAP सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। केजरीवाल ने छोटे व्यापारियों के प्रति अपनी सरकार की प्राथमिकता भी बताई और दावा किया कि चार साल बाद भी जनता संतुष्ट है। इस लेख में जानें केजरीवाल के बयान और उनकी योजनाएं।
 

चंडीगढ़: चुनावी तैयारियों का आगाज


चंडीगढ़: पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत से सक्रिय हो गई है। इस संदर्भ में, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विपक्ष पर कई मोर्चों पर हमला किया। उन्होंने नशा, गैंगस्टर, व्यापार और जनता के विश्वास जैसे मुद्दों पर विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया।


भाजपा और अकाली दल पर आरोप

केजरीवाल ने भाजपा को 'ED पार्टी' और अकाली दल को 'चिट्टा पार्टी' का नाम देते हुए कहा कि इन दोनों की गठबंधन सरकार ने पंजाब को नशे की आग में झोंक दिया। उनका आरोप था कि यह केवल लापरवाही नहीं थी, बल्कि इन दलों के मंत्री खुद अपनी गाड़ियों में नशा भरकर घर-घर पहुंचाते थे। केजरीवाल ने यह भी कहा कि AAP सरकार ने सत्ता में आते ही सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाकर पाकिस्तान से आने वाले नशे की सप्लाई को काफी हद तक रोक दिया है। उन्होंने बताया कि अब पंजाब में आने वाला लगभग 70 प्रतिशत नशा गुजरात से आ रहा है। उन्होंने कहा कि ED पार्टी के शासन में गुजरात आज देश का 'ड्रग्स का गेटवे' बन चुका है।


छोटे व्यापारियों की प्राथमिकता

आर्थिक मोर्चे पर भी केजरीवाल ने AAP सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी किसी भी अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ होते हैं और भगवंत मान की सरकार पंजाब के इतिहास में पहली ऐसी सरकार है जो इन व्यापारियों की छोटी से छोटी समस्या को गंभीरता से सुनती और सुलझाती है।


जनता की संतुष्टि

केजरीवाल ने यह दावा किया कि पंजाब के इतिहास में शायद यह पहला अवसर है जब किसी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद भी जनता नाराज़ नहीं, बल्कि संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि जहां पहले की सरकारों के नेता गांवों में घुसने से डरते थे, वहीं आज AAP नेताओं का दिल से स्वागत होता है।