पंजाब सड़क सुरक्षा फोर्स: सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने की पहल
पंजाब में सड़क सुरक्षा फोर्स की स्थापना
-4,100 किलोमीटर लंबी सड़कों पर हर 30 किलोमीटर पर एसएसएफ की टीमें तैनात
पंजाब सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मृत्यु दर को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन किया है। इस फोर्स ने उन घायलों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिन्हें समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाती थी। राज्यभर में 4,100 किलोमीटर लंबी सड़कों पर हर 30 किलोमीटर पर एसएसएफ की टीमें तैनात हैं। जैसे ही दुर्घटना की सूचना मिलती है, ये दल 5 से 7 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर घायलों को त्वरित सहायता प्रदान करते हैं। फोर्स को टोयोटा हिलक्स और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसे आधुनिक वाहनों से लैस किया गया है।
तकनीकी दृष्टि से भी यह फोर्स अत्याधुनिक है। इसमें स्पीड गन, बॉडी कैमरा, ई-चालान प्रणाली और एआई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पुलिसिंग अधिक तेज, स्मार्ट और पारदर्शी हो गई है। हाल ही में बाढ़ राहत कार्यों में भी एसएसएफ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे इसकी संवेदनशीलता और मानवीय छवि को और मजबूती मिली। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचे। इसी उद्देश्य के साथ पंजाब में सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन किया गया था। 2024 से 2026 के बीच, एसएसएफ ने 43,983 सड़क दुर्घटनाओं में पहुंचकर 47,386 लोगों की मदद की। इन प्रयासों के दौरान, 19,973 लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और चिकित्सा सहायता के माध्यम से लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।
पंजाब एसएसएफ, जो हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित बल के रूप में स्थापित किया गया है, का ध्यान विशेष रूप से निर्धारित हाईवे और प्रमुख सड़कों पर पेट्रोलिंग पर केंद्रित है। पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के विपरीत, एसएसएफ के जवानों को नियमित कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता। उनका मुख्य कार्य सड़क सुरक्षा, त्वरित प्रतिक्रिया और दुर्घटना पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है।
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