×

पंजाब सरकार और ED के बीच कैश-फॉर-ट्रांसफर विवाद: हाईकोर्ट में मामला पहुंचा

पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य सरकार के बीच 'कैश-फॉर-ट्रांसफर' मामले को लेकर विवाद गहरा गया है। ED ने FIR दर्ज करने की मांग की है, जबकि पंजाब सरकार सबूतों की मांग कर रही है। आम आदमी पार्टी के नेता अमन अरोड़ा ने ED पर राजनीतिक उद्देश्य से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, जहां ED ने अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज पेश किए हैं। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
 

ED और पंजाब सरकार के बीच टकराव


पंजाब में 'कैश-फॉर-ट्रांसफर' और भूमि लेनदेन की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य सरकार के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। ED ने पंजाब पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की है, जबकि पंजाब सरकार का कहना है कि केवल कुछ दस्तावेज या स्क्रीनशॉट भेजना पर्याप्त नहीं है। उन्हें स्पष्ट सबूत चाहिए। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी सुनवाई हो रही है, जहां ED ने अपने दावों के समर्थन में कई दस्तावेज पेश किए हैं।


तीसरी चिट्ठी के बाद विवाद बढ़ा

ED ने 31 अगस्त को पंजाब पुलिस के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को तीसरी बार पत्र भेजकर FIR दर्ज करने की मांग की। एजेंसी का कहना है कि उसने पहले भी 30 जुलाई और 7 अगस्त को DGP को जानकारी दी थी। यह जानकारी मनी लॉन्ड्रिंग की धारा 66(2) के तहत साझा की गई थी। पंजाब पुलिस ने 28 अगस्त को ED से अतिरिक्त रिकॉर्ड मांगे थे, जिसमें मूल इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य दस्तावेज शामिल थे। ED ने कहा कि आवश्यक सामग्री पहले ही साझा की जा चुकी है।


AAP के प्रदेश अध्यक्ष का बयान

इस मामले में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि जब तक ED स्पष्ट सबूत नहीं देती, तब तक FIR दर्ज नहीं की जा सकती। उन्होंने ED पर राजनीतिक उद्देश्य से कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग पंजाब की AAP सरकार के खिलाफ कर रही है।


ED का जवाब

अमन अरोड़ा के आरोपों का जवाब देते हुए ED ने कहा कि उसने पंजाब पुलिस को केवल आरोपों की जानकारी नहीं दी, बल्कि जांच से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं। ED ने यह भी कहा कि उसके प्रतिनिधि ने 1 सितंबर को पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के AIG को रिकॉर्ड देने की कोशिश की, लेकिन रिकॉर्ड लेने से इनकार कर दिया गया।


कैश-फॉर-ट्रांसफर मामला

ED की जांच का एक मुख्य हिस्सा सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के बदले पैसे या अन्य लाभ देने के आरोपों से संबंधित है। एजेंसी का आरोप है कि नितिन गोहल बिचौलिए के रूप में काम करते थे। ED ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन का नाम भी लिया है।


भूमि सौदों की जांच

यह मामला केवल ट्रांसफर-पोस्टिंग के आरोपों तक सीमित नहीं है। ED की जांच में पंजाब में भूमि के उपयोग में बदलाव से जुड़े अनियमित लेनदेन की भी जांच शामिल है। ED ने मई में कुछ लोगों के परिसरों में तलाशी ली थी।


हाईकोर्ट में ED का जवाब

विवाद के बीच ED ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लगभग 200 पन्नों का जवाब दाखिल किया है। एजेंसी ने अदालत से कहा है कि उसने FIR दर्ज कराने के लिए कई बार पंजाब पुलिस से संपर्क किया, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं हुई।