पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: मतदाता दस्तावेजों पर कोई शुल्क नहीं
मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के लिए राहत
पंजाब सरकार ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत आम जनता को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने एक जुलाई से 30 सितंबर तक एसआईआर प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों पर किसी भी प्रकार की सरकारी शुल्क नहीं लेने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट बैठक में लिया गया निर्णय
यह निर्णय मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दस्तावेजों की कमी के कारण कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे।
सेवा केंद्रों को दिए जाएंगे निर्देश
कैबिनेट के निर्णय के बाद, राज्य सरकार सभी सेवा केंद्रों और संबंधित विभागों को तुरंत निर्देश जारी करेगी। इसके अलावा, सरकार ने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि दस्तावेजों के लिए आने वाले आवेदनों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि लोगों को समय पर आवश्यक प्रमाणपत्र मिल सकें।
योग्य मतदाता का नाम न छूटे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम केवल इसलिए मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए क्योंकि उसे समय पर आवश्यक सरकारी दस्तावेज नहीं मिल सके। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज जानकारी के साथ कुछ सहायक दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है।
दस्तावेजों की सूची
सरकार के अनुसार, जन्म प्रमाणपत्र, पेंशन कार्ड, स्थायी निवासी प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र सहित कुल 12 प्रकार के दस्तावेज एसआईआर प्रक्रिया में सहायक दस्तावेजों के रूप में मान्य हैं। हालांकि, ये सभी दस्तावेज प्रत्येक मतदाता के लिए अनिवार्य नहीं हैं, लेकिन जिन नागरिकों को इनकी आवश्यकता होगी, उन्हें अब निर्धारित अवधि के दौरान बिना शुल्क के ये दस्तावेज बनवाने की सुविधा मिलेगी।