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पंजाब सरकार की 'तुहाडे द्वार' पहल से सरकारी सेवाएं हुईं आसान

पंजाब सरकार की 'तुहाडे द्वार' पहल ने सरकारी सेवाओं को नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस योजना के तहत 1076 हेल्पलाइन और डोरस्टेप डिलीवरी प्रणाली के माध्यम से लाखों लोग घर बैठे सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को इस योजना से अधिक लाभ मिल रहा है। जानें कैसे यह पहल सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बना रही है।
 

सरकारी सेवाओं में सुधार की दिशा में कदम


पंजाब में सरकारी सेवाओं को सरल और त्वरित बनाने के लिए शुरू की गई 'भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार' योजना ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। सरकार का दावा है कि इस पहल के माध्यम से लाखों नागरिकों को घर पर ही सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम हो गए हैं।


घर पर मिल रही हैं सरकारी सेवाएं

पंजाब सरकार की 1076 हेल्पलाइन और डोरस्टेप डिलीवरी प्रणाली ने नागरिक सेवाओं को सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुंचाने का कार्य किया है। सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 3.10 लाख से अधिक सेवाओं का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। नागरिक 1076 नंबर पर कॉल करके या ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप और सेवा केंद्रों के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। इसके बाद प्रशिक्षित कर्मचारी घर जाकर दस्तावेज लेते हैं, आवेदन भरने में सहायता करते हैं और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पूरा करते हैं। इससे लोगों का समय और धन दोनों की बचत हो रही है।


ग्रामीण क्षेत्रों को मिली विशेष सुविधा

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिला है जिन्हें पहले सरकारी कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों का दौरा करना पड़ता था। वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, किसान, महिलाएं और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग अब आसानी से सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं। सरकार के अनुसार, अब तक 4.18 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए जा चुके हैं। प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज लोगों को एसएमएस, व्हाट्सऐप और घर पर पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे सरकारी सेवाएं पहले से कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक हो गई हैं।


डिजिटल प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता

योजना के अंतर्गत सत्यापन प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया गया है। पटवारी, नंबरदार, सरपंच, नगर पार्षद और अन्य अधिकारी अब डिजिटल माध्यम से दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इससे कागजी कार्य में कमी आई है और पारदर्शिता में वृद्धि हुई है। सरकार ने फॉर्मलेस सेवाएं भी शुरू की हैं, जहां ऑपरेटर सीधे डिजिटल सिस्टम में जानकारी दर्ज करते हैं। अमन अरोड़ा का कहना है कि तकनीक के उपयोग से जवाबदेही बढ़ी है और नागरिकों को समय पर सेवाएं मिल रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े।