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पंजाब सरकार की सामाजिक न्याय की दिशा में नई पहलें

पंजाब सरकार ने सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, आशीर्वाद योजना और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप जैसी पहलों ने कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा दिया है। इन योजनाओं के माध्यम से हजारों परिवारों को सहायता मिली है, जिससे बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि समाज की ताकत माना गया है। जानें कैसे ये योजनाएं समाज में बदलाव ला रही हैं।
 

शिक्षा को मजबूती देने वाली स्कॉलरशिप योजनाएं

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन पहलों का लाभ समाज के कमजोर वर्गों को मिल रहा है, और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इससे पिछड़े वर्गों के आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है और उन्हें मुख्यधारा में लाने की दिशा में नई ऊर्जा मिली है।


सरकार का मानना है कि सामाजिक न्याय केवल एक कागजी योजना नहीं, बल्कि यह एक नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा, युवा या परिवार गरीबी, जाति या सामाजिक पिछड़ेपन के कारण अवसरों से वंचित न रहे।


आशीर्वाद योजना ने हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। इस योजना के तहत 38,000 से अधिक लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बेटियां समाज का बोझ नहीं, बल्कि उसकी ताकत हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में मदद करने के लिए बनाई गई है, और सरकार सीधे लाभार्थियों के खातों में राशि भेजती है ताकि इसका सही उपयोग हो सके।


वर्ष 2025 के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना सामाजिक न्याय का एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है। अनुसूचित जातियों के 2.62 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, जो सरकारी योजनाओं पर बढ़ते विश्वास का संकेत है। 245 करोड़ रुपये के बजट से शिक्षा को गरीबी के बंधनों से मुक्त करने का प्रयास किया गया है।


डॉ. बी. आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट का नवीनीकरण एक ऐतिहासिक कदम है, जिसमें लगभग 30 वर्षों के बाद 147.49 लाख रुपये की लागत से बड़े पैमाने पर निर्माण और मरम्मत का कार्य किया गया है। इसके साथ ही नए कार्यों के लिए 91 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे यह संस्थान केवल एक इमारत नहीं, बल्कि अवसरों का केंद्र बन गया है। पंजाब सरकार की पहल से अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास और उद्यमिता को नया मार्ग मिला है।