पंजाब सरकार के नए नीतिगत फैसले: शिक्षा, पर्यावरण और रोजगार में सुधार
पंजाब सरकार की कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
पंजाब सरकार ने हाल ही में एक कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों को स्वीकृति दी है। ये निर्णय शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य आम जनता को राहत प्रदान करना और सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार इन प्रस्तावों को जल्द ही विधानसभा में पेश करने की योजना बना रही है।
निजी स्कूलों के लिए फीस नियंत्रण
कैबिनेट ने निजी स्कूलों की फीस में वृद्धि पर नियंत्रण लगाने के लिए फीस रेगुलेशन संशोधन बिल-2026 को मंजूरी दी है। नए नियमों के अनुसार, वार्षिक फीस में अधिकतम 5 प्रतिशत की वृद्धि की अनुमति होगी। फीस की निगरानी के लिए एक नियामक संस्था का गठन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर फोरेंसिक ऑडिट भी किया जाएगा। इसके अलावा, लगातार पांच वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था में लाने का निर्णय भी लिया गया है।
डिजिटल शिक्षा का विस्तार
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए होशियारपुर और पटियाला में तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, ग्रामीण विकास विभाग के सर्विस प्रोवाइडर, वेटरनरी फार्मासिस्ट और सफाई सेवकों सहित 1,600 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं अगले एक वर्ष के लिए बढ़ा दी गई हैं। लोक निर्माण विभाग में 19 नए सिविल ड्राफ्ट्समैन पद भी सृजित किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण के लिए नए कानून
कैबिनेट ने पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज बिल-2026 को भी मंजूरी दी है। नए कानून के तहत, एक पेड़ काटने पर दस नए पेड़ लगाने की अनिवार्यता होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार 10 हजार रुपये का जुर्माना और पुनः उल्लंघन पर अधिक दंड लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।