पंजाब सरकार ने मनरेगा कर्मचारियों की मांगों को मानने का दिया आश्वासन
कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सौंद का आश्वासन
कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सौंद ने दिया मनरेगा कर्मचारियों को आश्वासन
खन्ना (लुधियाना) : पंजाब सरकार मनरेगा कर्मचारियों की लंबित मांगों को मानने के लिए तत्पर है। यह जानकारी पंजाब के कैबिनेट मंत्री और खन्ना विधानसभा क्षेत्र के विधायक तरुनप्रीत सिंह सौंद ने दी, जब वे सिविल अस्पताल, खन्ना में घायल मनरेगा कर्मचारी सौदागर सिंह और डीएसपी खन्ना विनोद कुमार का हाल जानने पहुंचे।
उन्होंने सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनिंदर सिंह भसीन को निर्देश दिए कि दोनों का नि:शुल्क और सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर सिविल एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, मनरेगा कर्मचारी यूनियन के संरक्षक वरिंदर सिंह, अध्यक्ष गुरसेवक सिंह और अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
केंद्र सरकार की योजना से मनरेगा कर्मियों की परेशानी
मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पिछले 20 दिनों से मनरेगा कर्मचारियों के साथ लगातार बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को बंद कर नई योजना लागू करना है।
उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों ने अपने जीवन के कई वर्ष मनरेगा योजना के लिए समर्पित किए हैं और नई व्यवस्था में उन्हें उचित अवसर मिलना चाहिए। मनरेगा कर्मचारियों ने नई योजना के अंतर्गत कार्य करने की इच्छा जताई है, बशर्ते उनकी जायज मांगों को स्वीकार किया जाए।
सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई मतभेद नहीं
सौंद ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार और मनरेगा कर्मचारियों के बीच कोई मतभेद नहीं है। पंजाब सरकार संवाद के माध्यम से हर समस्या का समाधान चाहती है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के स्पष्ट निर्देश हैं कि मनरेगा कर्मचारियों की बात पूरी सहानुभूति के साथ सुनी जाए और उनकी जायज मांगों का समाधान किया जाए।
उन्होंने बताया कि वे आज चंडीगढ़ में अपनी बैठकों के बाद तुरंत खन्ना पहुंचे और मनरेगा कर्मचारियों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक बैठक की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर मनरेगा कर्मचारियों की जायज मांगों के संबंध में लिखित आश्वासन देने के निर्देश भी दिए।
सरकार की प्रतिबद्धता
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी सभी जायज मांगों का संवैधानिक एवं सहानुभूतिपूर्ण ढंग से समाधान किया जाएगा।