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पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए नई वित्तीय सहायता योजना की शुरुआत की

पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत की है, जिसके तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और अन्य महिलाओं को 1000 रुपए की मासिक सहायता मिलेगी। यह योजना राज्य की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभान्वित करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस योजना को महिलाओं के सशक्तिकरण और वित्तीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इसके अलावा, कैबिनेट ने योजनाबंदी विभाग में 70 पदों की भर्ती और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों को भी मंजूरी दी है।
 

मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का शुभारंभ


चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' को मंजूरी दी है, जिससे यह योजना पूरे पंजाब में लागू होने जा रही है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए और अन्य सभी महिलाओं को 1000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इससे पंजाब की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। यह निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।


मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए बनाई गई है। इससे महिलाएं वित्तीय रूप से मजबूत होंगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी और अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पहले ही सामाजिक कल्याण और मानव विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में महिलाएं, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित, वित्तीय सुरक्षा की कमी का सामना कर रही हैं। इसलिए, महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त करना अत्यंत आवश्यक है।


इस योजना के माध्यम से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बनाता है। यह योजना महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


यह योजना सीधे लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। एक परिवार में कई योग्य महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी।


पंजाब में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं और जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी।


भगवंत मान सरकार इस योजना का लाभ हर महिला तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रयास करेगी, जिसमें दस्तावेज पूरे करना, बैंक खाते सक्रिय करना और निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना शामिल है।


इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है, जिससे यह योजना पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक बन सकती है।


योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पदों की मंजूरी

कैबिनेट ने योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पदों को भरने की मंजूरी दी है। आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड और सांख्यिकी विभाग के विलय की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस प्रक्रिया के तहत रिक्त पदों की आवश्यकता को संशोधित किया गया है।


पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. के सी.एम.डी. तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए शर्तों में संशोधन

कैबिनेट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ट्रांसको) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सी.एम.डी.) तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यताओं और अनुभव संबंधी शर्तों में संशोधन करने की मंजूरी दी है।


पछवाड़ा कोयला खदान में मानव शक्ति एवं सहायक स्टाफ की नियुक्ति

कैबिनेट ने झारखंड के जिला पाकुड़ स्थित पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान के संचालन और रखरखाव के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है।


लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधन

कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को मंजूरी दी है। इन संशोधनों के अनुसार बैंकों के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं।


पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (संशोधन) बिल-2026

कैबिनेट ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (संशोधन) बिल, 2026 को पेश करने की मंजूरी दी है ताकि राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) की प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सके।


एन.एच.ए.आई. प्रोजेक्ट्स के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने की मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एन.एच.ए.आई.) को साधारण मिट्टी देने के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने की शर्तों में ढील देने को मंजूरी दी है।