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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नाबालिग की अवैध हिरासत का मामला, काउंसलिंग का आदेश

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में डेरा सच्चा सौदा में एक नाबालिग लड़की की अवैध हिरासत का मामला सामने आया है। पिता ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उसकी बेटी को उसकी मां ने अवैध रूप से रोका हुआ है। कोर्ट ने बच्ची की काउंसलिंग का आदेश दिया है, जिसका खर्च पिता को उठाना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के आदेश के बारे में।
 

याचिका दायर करने वाले पिता का मामला

गोवा के निवासी साइप्रियानो ब्रिट्टो ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में उन्होंने डेरा सच्चा सौदा में उनकी नाबालिग बेटी की कथित अवैध हिरासत का मामला उठाया है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को उसकी मां ने अवैध रूप से डेरे में रखा हुआ है। याचिका के दौरान उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि बच्ची को आश्रम में न रखा जाए, क्योंकि यह स्थान विवादों और आपराधिक मामलों के लिए जाना जाता है।


काउंसलिंग का आदेश

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि बच्ची की काउंसलिंग तुरंत पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में करवाई जाए। जस्टिस सुभाष मेहला ने निर्देश दिया कि बच्ची की कस्टडी से संबंधित मुद्दों पर काउंसलिंग की जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि काउंसलिंग का पूरा खर्च याचिकाकर्ता पिता को उठाना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को निर्धारित की गई है।


मां पर आरोप

यह मामला गोवा निवासी पिता साइप्रियानो ब्रिट्टो द्वारा दायर हैबियस कार्पस याचिका से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को उसकी मां ने डेरा सच्चा सौदा आश्रम, सिरसा में अवैध रूप से रोका हुआ है।


पिता के दावे

याचिकाकर्ता का कहना है कि अदालत से उन्हें कई बार बेटी की कस्टडी के आदेश मिले हैं, लेकिन वे कभी भी अपनी बेटी से खुलकर बात नहीं कर पाए। डेरा सच्चा सौदा के हस्तक्षेप के कारण बच्ची को अपनी इच्छा से निर्णय लेने का अवसर नहीं मिला। डेरा की ओर से तर्क दिया गया कि याचिका में संस्था के खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।