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पटना में पार्कों में प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों की स्थापना से रोजगार के नए अवसर

पटना में सार्वजनिक स्थानों को अधिक उपयोगी बनाने के लिए एक नई योजना के तहत 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों की स्थापना की जाएगी। यह पहल स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को नए व्यापार के अवसर प्रदान करेगी। पार्कों में विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, दीघा वेंडिंग जोन में भी बदलाव किया गया है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन और नाइट लाइफ का नया केंद्र बन सकेगा।
 

नई पहल से पार्कों का उपयोग बढ़ेगा


पटना में सार्वजनिक स्थानों को अधिक उपयोगी बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक नई योजना शुरू की जा रही है। राजधानी के विभिन्न पार्कों में जल्द ही 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों की स्थापना की जाएगी। इन दुकानों का संचालन जीविका और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सहयोग से किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यवसायियों को नए व्यापार के अवसर प्रदान करना है। इसके साथ ही, पार्कों में आने वाले लोगों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


पार्कों में नई व्यावसायिक गतिविधियों की शुरुआत

इस नई योजना के तहत पार्कों में स्थापित होने वाली प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों में सुधा बूथ सहित विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और स्वयं सहायता समूहों को अपनी आजीविका को मजबूत करने का अवसर प्राप्त होगा। इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों का बेहतर उपयोग करना भी है।


जेपी गंगा पथ योजना में बदलाव

पहले जेपी गंगा पथ पर 15.45 करोड़ रुपये की लागत से 500 दुकानों का वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना थी। इसके लिए 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को भी तैयार किया गया था। लेकिन गंगा नदी के दृश्य पर प्रभाव डालने की आशंका के कारण इस योजना में बदलाव किया गया और दुकानों को वहां से हटा दिया गया।


दीघा वेंडिंग जोन का नया स्वरूप

दीघा गोलंबर के पास विकसित हो रहे वेंडिंग जोन की रूपरेखा में भी बदलाव किया गया है। पहले यहां 250 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन अब केवल 50 बड़े और आधुनिक माड्यूलर आउटलेट बनाए जा रहे हैं। इस परियोजना पर 7.17 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य बेहतर व्यावसायिक वातावरण तैयार करना है।


स्थानीय व्यापारियों को मिलेगा लाभ

नई दुकानों में बड़े ब्रांडों के साथ-साथ स्थानीय वेंडरों को भी व्यवसाय का अवसर मिलेगा। जेपी सेतु के नीचे गंगा किनारे कारोबार करने वाले वेंडरों का पुनर्वास भी इसी योजना के तहत किया जाएगा। इससे छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान मिलेगा और उनके कारोबार को स्थिरता मिलने की उम्मीद है।


पर्यटन और सुविधाओं पर विशेष ध्यान

नगर निगम दीघा वेंडिंग जोन को केवल बाजार के रूप में विकसित नहीं करना चाहता। दूसरे चरण में यहां फुट ओवरब्रिज, पार्किंग, आधुनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल, पार्क और मनोरंजन क्षेत्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भूमि समतलीकरण, पेवर ब्लॉक और ड्रेनेज का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन और नाइट लाइफ के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।