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पटियाला पुलिस ने प्रॉपर्टी कारोबारी पर फायरिंग के मामले में दो शूटरों को पकड़ा

पटियाला में एक प्रॉपर्टी कारोबारी के दफ्तर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी घायल हो गया, जबकि उनके पास से अवैध हथियार और मोटरसाइकिल बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान परमजीत सिंह और जसकरण सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले की जांच तेज कर दी है, जिसमें चुनावों से पहले इलाके में डर फैलाने की साजिश की आशंका जताई जा रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

पटियाला पुलिस को मिली बड़ी सफलता


राजपुरा में एक प्रॉपर्टी व्यवसायी के कार्यालय पर हुई फायरिंग के मामले में पटियाला पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध शूटरों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। इस घटना में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, और उनके पास से हथियार और एक बाइक भी बरामद की गई।


आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया

पटियाला पुलिस की सीआईए टीम और समाना सीआईए ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसके तहत दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, पटियाला-संगरूर बाईपास के निकट जंगली बीड़ क्षेत्र में घेराबंदी की गई। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस पर गोलीबारी की कोशिश की, जिसके जवाब में एक आरोपी के पैर में गोली लगी और दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की।


सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद पुलिस हुई सक्रिय

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और जसकरण सिंह के रूप में हुई है, जो कपूरथला जिले के गांव हमीरा के निवासी हैं। कुछ दिन पहले राजपुरा के लक्ष्मी प्रॉपर्टी कार्यालय पर फायरिंग की घटना हुई थी। घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों गैंग ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली थी। इस पोस्ट में स्थानीय लोगों और कुछ नेताओं को धमकियां भी दी गई थीं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को तेज कर दिया।


चुनाव से पहले डर फैलाने की आशंका

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल फायरिंग तक सीमित नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि चुनावों से पहले इलाके में डर और तनाव का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि गैंग के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी प्राप्त की जा सके। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस मामले से जुड़े मुख्य साजिशकर्ताओं और पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों का भी खुलासा किया जाएगा।