पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को नई जिम्मेदारियाँ मिलीं
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को जनसंख्या नियंत्रण की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने सीनेट में इस मुद्दे को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया है। पाकिस्तान की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे देश को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जानें इस संदर्भ में सरकार की योजनाएँ और आसिम मुनीर की नई भूमिका के बारे में।
Jul 11, 2026, 20:11 IST
आसिम मुनीर की नई भूमिका
पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख आसिम मुनीर देश में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाते हैं। सेना के संचालन के साथ-साथ, वे कूटनीति में भी सक्रिय रहते हैं, जैसा कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के दौरान देखा गया। इसके अलावा, वे पाकिस्तान की आर्थिक नीतियों को भी दिशा देते हैं। हाल ही में, उन्हें भारत के खिलाफ बयानबाजी के लिए भी समय निकालना पड़ा है। अब उनकी जिम्मेदारियों में एक नया कार्य जुड़ गया है, जिसमें उन्हें पाकिस्तान की तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण पाना होगा। 'द डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री सैयद मुस्तफ़ा कमाल ने सीनेट की बैठक में इस बात की घोषणा की। पाकिस्तान, जिसकी जनसंख्या 25.9 करोड़ से अधिक है, वर्तमान में दुनिया का पाँचवाँ सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। उम्मीद है कि 2030 तक यह इंडोनेशिया को पीछे छोड़कर चौथा सबसे बड़ा देश बन जाएगा। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह जनसांख्यिकीय स्थिति एक गंभीर चुनौती बन सकती है।
आसिम मुनीर की नई भूमिका
आसिम मुनीर की नई भूमिका
इस प्रकार, संकट के समय में, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अपनी संपर्क सूची में पहले व्यक्ति के रूप में आसिम मुनीर से संपर्क किया। जनसंख्या से संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए शरीफ़ ने एक समिति का गठन किया है, जिसमें मुनीर भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह मुद्दा अब सरकार की प्राथमिकता बन गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और सभी स्तरों पर महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं। मुनीर को यह नई जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है जब पाकिस्तान पहले से ही बलूचिस्तान और अफ़ग़ान सीमा पर सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है। इसके अलावा, पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में आर्थिक संकट और पुलिस की ज्यादतियों के कारण अशांति बढ़ रही है। हाल ही में बलूचिस्तान प्रांत में बलूच विद्रोहियों और TTP उग्रवादियों ने पाकिस्तान के 42 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी। इसके साथ ही, पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर तनाव भी बना हुआ है। ऐसे संवेदनशील समय में लोगों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सेना प्रमुख को सौंपने पर पाकिस्तानियों ने मज़ाक उड़ाया है। सोशल मीडिया पर मीम्स और चुटकुलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें सेना प्रमुख की नई भूमिका का मज़ाक उड़ाया जा रहा है।
पाकिस्तान में जनसंख्या वृद्धि के कारण
पाकिस्तान में आबादी तेज़ी से क्यों बढ़ रही है?
स्वास्थ्य विभाग ने जिन प्रमुख मुद्दों की पहचान की है, उनमें गर्भनिरोधक साधनों की कमी शामिल है। पाकिस्तान में हर साल औसतन लगभग 67 लाख (6.7 मिलियन) बच्चों का जन्म होता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार गर्भनिरोधक उत्पादों पर टैक्स में छूट देने की योजना बना रही है। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रांतों को मिलने वाले राजस्व का लगभग 80% हिस्सा जनसंख्या के आधार पर निर्धारित होता है। इससे अनजाने में राज्यों को अधिक जनसंख्या बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस हिस्से को घटाकर 50% से कम करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इस कदम से अधिक जनसंख्या वाले प्रांतों में असंतोष हो सकता है। उदाहरण के लिए, पंजाब, जो पाकिस्तान का सबसे अधिक जनसंख्या वाला प्रांत है और शरीफ़ परिवार का गढ़ है, इस प्रस्ताव से खुश नहीं हो सकता। पंजाब राजनीति और सेना का मुख्य केंद्र है, और यहाँ सभी महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान भी मौजूद हैं। इसलिए, प्रांत शायद ऐसे किसी प्रस्ताव से संतुष्ट न हो जो उसके राजस्व को कम करता हो।