जी20 बैठक में भाग लेने अमेरिका पहुंचीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री की अमेरिका यात्रा
वाशिंगटन, 31 अगस्त: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना प्रांत के एशविल शहर पहुंच गई हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों के बीच वैश्विक आर्थिक विकास पर चर्चा की जाएगी। सीतारमण अपनी नौ दिवसीय यात्रा के तहत 28 अगस्त से दो सितंबर तक अमेरिका में हैं।
भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने रविवार को साउथ कैरोलाइना के ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। सीतारमण शिकागो से एशविल पहुंचीं, जो वाशिंगटन से लगभग 760 किलोमीटर दूर है। शिकागो में, उन्होंने प्रमुख निवेशकों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया और निजी क्षेत्र के सीईओ, अध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
जी20 बैठक की मेज़बानी
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट एशविल में सोमवार और मंगलवार को जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक की मेज़बानी कर रहे हैं। बेसेंट ने कहा, 'जिस तरह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी आर्थिक वृद्धि को फिर से गति दे रहे हैं, उसी तरह इस वर्ष जी20 के 'फाइंसेस ट्रैक' के मेज़बान के रूप में हम भी आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दे रहे हैं।'
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श के साथ एशविल पहुंचे बेसेंट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका दुनिया भर के नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र के नेताओं को एक मंच पर लाने के लिए उत्सुक है, ताकि यह बताया जा सके कि मजबूत आर्थिक वृद्धि 'न केवल संभव है, बल्कि आवश्यक भी है।'
3एम के सीईओ से मुलाकात
जी20 बैठकों के अलावा, सीतारमण ने रविवार को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी '3एम' के अध्यक्ष एवं सीईओ विलियम ब्राउन से मुलाकात की। यह कंपनी उद्योग, श्रमिक सुरक्षा और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में कार्यरत है।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि बातचीत में भारत के साथ 3एम की भागीदारी को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत अब केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रह गया है, बल्कि उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के लिए तेजी से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
डेटा सुरक्षा और स्थानीयकरण पर चर्चा
सीतारमण और ब्राउन ने डेटा सुरक्षा और घरेलू उद्यमों में भारतीय प्रतिभाओं के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा की। सीतारमण ने कहा कि 3एम की क्षमताओं के माध्यम से भारत में स्थानीयकरण, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भारतीय प्रतिभा और विनिर्माण क्षमताओं का क्षेत्रीय नवोन्मेषों के जरिए उपयोग करके घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक और एशिया-प्रशांत आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरतें भी पूरी की जा सकती हैं। वित्त मंत्री ने भारत में 3एम के लगातार भरोसे की सराहना की और अनुसंधान एवं विकास, उन्नत विनिर्माण तथा स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला के विकास में और निवेश करने का सुझाव दिया। ब्राउन ने भारत में कुशल प्रतिभाओं की उपलब्धता की सराहना की और कहा कि देश में प्रौद्योगिकी के विकास के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में भी कई अवसर मौजूद हैं।
उन्होंने भारत सरकार से मिल रहे सहयोग की भी सराहना की।