पाकिस्तान में इलेक्ट्रिक बस सेवा में यात्रियों को हो रही परेशानी
इलेक्ट्रिक बस सेवा की चुनौतियाँ
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और मीडिया टाउन के बीच चलने वाली इलेक्ट्रिक बस सेवा, जो नागरिकों को एक आधुनिक और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन विकल्प प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी, अब यात्रियों के लिए समस्याओं का कारण बन गई है। इसकी मुख्य वजह बसों में अत्यधिक भीड़ और उनके बीच लंबा समय अंतराल है। एक रिपोर्ट के अनुसार, नंबर 136 बस सेवा के बंद होने से इलेक्ट्रिक बसों पर यात्रियों का दबाव काफी बढ़ गया है। इस सेवा के बीच लंबे अंतराल ने यात्रियों की कठिनाइयों को और बढ़ा दिया है। नागरिकों का कहना है कि PIMS-मीडिया टाउन रूट पर इलेक्ट्रिक बसें लगभग हर 30 मिनट में आती हैं, जिससे स्टॉप पर यात्रियों की बड़ी संख्या एकत्रित हो जाती है।
यात्रियों की समस्याएँ
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब इलेक्ट्रिक बस आती है, तो उसमें अत्यधिक भीड़ होती है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को कठिनाई होती है। कई यात्री बस में चढ़ नहीं पाते क्योंकि वह पहले से ही पूरी तरह भरी होती है। ऐसे यात्रियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी यात्रा में और देरी होती है। इस रूट का उपयोग करने वाले यात्रियों ने संबंधित अधिकारियों, विशेषकर कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) के चेयरमैन से अनुरोध किया है कि PIMS-मीडिया टाउन रूट पर इलेक्ट्रिक बसों के बीच का समय 30 मिनट से घटाकर 10 मिनट किया जाए।
सार्वजनिक परिवहन की सफलता
यात्री मानते हैं कि इंतजार के समय को कम करने से सेवा पर बढ़ता दबाव कम होगा और यह सुनिश्चित होगा कि महिलाओं और अन्य यात्रियों को सुरक्षित, समय पर और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन मिल सके। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की सफलता केवल नई बसों की उपलब्धता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह भी आवश्यक है कि यात्रियों की मांग के अनुसार सही संख्या में बसें उपलब्ध हों और वे सही अंतराल पर चलें।