पाकिस्तान में ऐतिहासिक हिंदू मंदिर का ध्वंस: धार्मिक कट्टरपंथियों पर आरोप
पंजाब में मंदिर का ध्वंस
लाहौर, 31 अगस्त: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक सदी पुराना हिंदू मंदिर कथित तौर पर एक मदरसे में शामिल करने के लिए ढहा दिया गया। यह जानकारी स्थानीय अधिकारियों और अल्पसंख्यक संगठनों ने सोमवार को दी। स्थानीय निवासियों और एक राजनीतिक दल ने आरोप लगाया कि कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों ने मंदिर को गिराने का कार्य किया।
सरकार ने हालांकि दावा किया है कि मंदिर भारी बारिश के कारण अपने आप गिर गया। यह मंदिर लगभग 1,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ था और लाहौर से लगभग 130 किलोमीटर दूर नारोवाल जिले के सिराज गांव में स्थित था। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर को गिराने वाले लोग प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) से जुड़े थे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांगें
पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी (पीएमएमपी) ने पंजाब सरकार से मंदिर को गिराने में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की है। पीएमएमपी के अध्यक्ष असलम परवेज सहोत्रा ने बताया कि उन्होंने 28 अगस्त को पंजाब के अतिरिक्त गृह सचिव से मुलाकात की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर के शिखर की धातु और अन्य सामग्री को बाद में हटा दिया गया। हिंदू समुदाय के नेता रतन लाल ने मंदिर के ध्वंस की निंदा करते हुए सरकार से इसके पुनर्निर्माण का आदेश देने की अपील की।
सरकारी स्पष्टीकरण
ईटीपीबी के वरिष्ठ अधिकारी राणा इफ्तिखार ने कहा कि मंदिर का कोई नाम उनके रिकॉर्ड में नहीं है, लेकिन यह एक पुराना मंदिर था। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर से जुड़ी जमीन मदरसे के लिए पट्टे पर दी गई थी, जबकि मंदिर की जमीन किसी को पट्टे पर नहीं दी गई।
साथ ही, नारोवाल जिला शांति कमेटी और पाक धर्मस्थान हिंदू समिति के सदस्य रतन लाल ने कहा कि अब वे उस स्थान पर जाने से भी डर रहे हैं क्योंकि वहां मदरसा अभी भी संचालित है।