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पाकिस्तान में कोयला खदान में विस्फोट से 34 खनिकों की मौत, 12 अभी भी फंसे

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक कोयला खदान में मीथेन गैस के कारण हुए विस्फोट में 34 खनिकों की जान चली गई है, जबकि 12 अन्य अब भी फंसे हुए हैं। यह घटना बृहस्पतिवार को हुई, जब पारी बदलने के दौरान विस्फोट हुआ। बचाव दल ने 34 शव बरामद किए हैं और 22 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

कोयला खदान में भयंकर विस्फोट

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक कोयला खदान में मीथेन गैस के कारण हुए एक भयंकर विस्फोट में कम से कम 34 खनिकों की जान चली गई है, जबकि 12 अन्य खनिक अब भी फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस घटना की जानकारी दी। यह दुर्घटना बृहस्पतिवार को क्वेटा के निकट सोरेंज कोयला क्षेत्र में हुई, जब पारी बदलने के दौरान एक खदान में मीथेन गैस के संचय के कारण विस्फोट हुआ। इस विस्फोट ने पास की एक अन्य खदान को भी नुकसान पहुंचाया, जिससे 50 से अधिक श्रमिक फंस गए।


लगभग 4,000 फुट की गहराई पर काम कर रहे खनिक विस्फोट और उसके बाद लगी आग की चपेट में आ गए। विस्फोट के कारण खदान के कई हिस्से ढह गए, जिससे कई श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई और अन्य जलते मलबे के नीचे फंस गए। प्रांतीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक 34 शव बरामद किए गए और 22 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया।


मुख्य खान निरीक्षक मोहम्मद आतिफ ने बताया कि जिस खदान में विस्फोट हुआ, उसमें 22 श्रमिक फंसे थे, जबकि अन्य श्रमिक पास की खदान में फंसे थे। 'ऑल पाकिस्तान कोल माइनर्स एसोसिएशन' के पीर मोहम्मद काकर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि बृहस्पतिवार को पारी बदलने के दौरान मीथेन गैस की अत्यधिक मात्रा के कारण यह भूमिगत विस्फोट हुआ। काकर ने कहा, 'जब जमीन के इतने नीचे इस तरह के विस्फोट होते हैं, तो जीवित बचने की संभावना बहुत कम होती है क्योंकि खदान के प्रवेश और निकास मार्ग आमतौर पर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।'


बलूचिस्तान के खदान एवं खनिज मंत्री शोएब नोशेरवानी ने कहा कि बचाव दल बेहद कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रांतीय सरकार बचाव अभियान के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सरकार मृत खनिकों के परिवारों को पांच-पांच लाख पाकिस्तानी रुपये और प्रत्येक घायल श्रमिक को तीन-तीन लाख पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा देगी। नोशेरवानी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि प्राधिकारी विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच करेंगे और खदानों में सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी की जाएगी।


पाकिस्तान केंद्रीय खान श्रमिक महासंघ ने एक बयान जारी कर सरकार से सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने और खदान सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया।