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पाकिस्तान में नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। स्थानीय संगठनों का दावा है कि 600 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है, जिसके खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। 'संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी' ने शौकत नवाज मीर की रिहाई की मांग की है और सोशल मीडिया पर एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। राशन और दवाओं की कमी से लोग परेशान हैं, और 5 लाख लोगों के जुटने की संभावना है। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी।
 

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी के बाद, पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। स्थानीय संगठनों का कहना है कि प्रशासन ने 600 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के खिलाफ कई क्षेत्रों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं।


शौकत नवाज मीर की रिहाई की मांग

'संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी' ने अपने प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी का विरोध किया है। संगठन ने जनता से शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर विरोध करने की अपील की है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर #ReleaseShoukatNawazMir नाम से एक बड़ा अभियान भी चलाया जा रहा है।


राशन और दवाओं की भारी कमी, लोग बेहाल

जेएएसी के नेता सरदार अमन खान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में उन्होंने कहा कि PoJK में राशन और आवश्यक दवाओं की भारी कमी है। लोगों को जीने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में रहने वालों से समर्थन की अपील की है।


5 लाख लोगों के जुटने की संभावना, बल प्रयोग पर चेतावनी

एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, सरदार अमन खान ने पाकिस्तान प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए बल का प्रयोग किया गया, तो स्थानीय लोग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे की रणनीति बनाएंगे।


जेएएसी ने रविवार को एक बड़े शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों से सफेद झंडे लेकर शामिल होने का अनुरोध किया गया है। अनुमान है कि PoJK के 10 जिलों से लगभग 5 लाख लोग इस आंदोलन में भाग ले सकते हैं। इससे पहले भी संगठन ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज को दबा रही है।