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पाकिस्तान में विदेशी महिलाओं का अपहरण और दुष्कर्म मामला: नए खुलासे

पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। प्रारंभिक जांच में इसे अपहरण और यौन उत्पीड़न का मामला माना जा रहा था, लेकिन अब इसमें करोड़ों रुपये की क्रिप्टोकरेंसी का विवाद भी जुड़ गया है। पीड़िताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें बंधक बनाकर धन की मांग की गई। इस मामले में रज़ा डार समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानें इस जटिल मामले की पूरी कहानी और आगे की कार्रवाई के बारे में।
 

पाकिस्तान में अपहरण और दुष्कर्म का मामला

पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक जांच में इसे अपहरण, फिरौती और यौन उत्पीड़न का मामला माना जा रहा था, लेकिन अब जांच एजेंसियां करोड़ों रुपये की क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े विवाद की भी जांच कर रही हैं। इस मामले में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के पोते रज़ा डार का नाम भी शामिल है, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।


सूत्रों के अनुसार, पीड़िता एस्ट्रिड गैब्रिएला रॉबिन्सन ब्राचो ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान पहुंचने के तुरंत बाद, वह और उनकी साथी स्टेफानी एड्रियाना जिस घर में ठहरी थीं, वहां हथियारबंद लोग घुस आए और उन्हें बंधक बना लिया।


पीड़िता ने बताया कि हमलावर लगातार उस कंप्यूटर के बारे में पूछते रहे जिसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल मुद्रा से जुड़ी संपत्ति थी। आरोपियों ने उनसे गोपनीय संकेत और अन्य जानकारियां मांगीं। जब उन्होंने जानकारी देने में देरी की, तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि उन्हें कहा गया कि यदि पैसा दे दिया जाए तो उनकी जान बच जाएगी, अन्यथा उनकी हत्या कर दी जाएगी।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर की ऊपरी मंजिल पर ले जाया गया, जहां दो लोगों ने उनके साथ दुष्कर्म किया, जबकि एक अन्य आरोपी बाहर निगरानी करता रहा। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और चुप रहने के लिए धमकाया गया।


पीड़िता ने यह भी कहा कि रज़ा डार ने उनका मोबाइल फोन लेकर उनके परिचितों से संपर्क किया और धन की मांग की। शुरुआत में किसी ने जवाब नहीं दिया, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी साथी स्टेफानी की मां ने लगभग एक लाख अमेरिकी डॉलर की व्यवस्था कर दी। धन मिलने के बाद आरोपियों ने उनके पासपोर्ट लौटाए और उन्हें हवाई अड्डे की ओर ले जाने लगे।


रास्ते में, पीड़िता ने एक आरोपी को फोन पर यह कहते हुए सुना कि "मुखिया के निर्देश अलग हैं।" इसके कुछ समय बाद वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसी दौरान दोनों महिलाओं ने मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की, शोर मचाया और राहगीरों की मदद से एक यातायात पुलिसकर्मी तक पहुंचीं, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित निकाला गया।


इस मामले में रज़ा डार, हसन रज़ा, सिकंदर खान और साजिद अली समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। लाहौर की अदालत ने सभी आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों और कथित रूप से वसूली गई रकम की बरामदगी अभी बाकी है। अदालत ने पुलिस को जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। आरोपियों की अगली पेशी आठ जुलाई को होगी।


सूत्रों के अनुसार, दोनों विदेशी महिलाएं मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के बाद पाकिस्तान छोड़ चुकी हैं। हालांकि, अधिकारियों ने उनकी वर्तमान स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि यदि पीड़िताएं वास्तव में देश से बाहर चली गई हैं, तो मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सामने कुछ कानूनी चुनौतियां आ सकती हैं।


पुलिस जांच के अनुसार, दोनों महिलाओं की मुलाकात वर्ष 2025 में सिंगापुर में एक डिजिटल करेंसी परियोजना के दौरान रज़ा डार से हुई थी। बाद में उन्हें कारोबारी वीजा पर पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया गया। महिलाओं का आरोप है कि लाहौर पहुंचने के तुरंत बाद उनका अपहरण कर उन्हें एक मकान में बंधक बनाया गया, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया गया और रिहाई के बदले धन की मांग की गई। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।