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पीएम मोदी का राजस्थान दौरा: पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा में पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। यह मेगा प्रोजेक्ट लगभग 79 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है और इसे राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। रिफाइनरी के शुरू होने से बाड़मेर और जैसलमेर जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। जानें इस रिफाइनरी के इतिहास और विशेषताओं के बारे में।
 

प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरा


जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान का दौरा करेंगे, जहां वे बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। यह मेगा प्रोजेक्ट लगभग 79 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है और इसे राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह दौरा खास है क्योंकि पीएम मोदी दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं।


पचपदरा रिफाइनरी का महत्व

पचपदरा रिफाइनरी को पश्चिमी राजस्थान के लिए एक गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसके शुरू होने से बाड़मेर और जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिलों में औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।


पहले चरण की ट्रायल रन प्रक्रिया

इस परियोजना के पहले चरण के लिए ट्रायल रन की प्रक्रिया जनवरी 2026 से शुरू होगी। अधिकारियों के अनुसार, उद्घाटन के बाद जल्द ही कमर्शियल उत्पादन प्रारंभ किया जाएगा, जिससे राज्य को आर्थिक लाभ होगा और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में मजबूती आएगी।


रिफाइनरी का इतिहास

इस रिफाइनरी का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इसका पहला शिलान्यास 22 सितंबर 2013 को सोनिया गांधी द्वारा किया गया था, जब राज्य में अशोक गहलोत की सरकार थी। उस समय इसकी लागत 37,230 करोड़ रुपए आंकी गई थी। फिर 16 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री मोदी ने इसका पुनः शुभारंभ किया, और लागत बढ़कर 43,129 करोड़ रुपए हो गई।


समय के साथ परियोजना की लागत में वृद्धि होती रही। जून 2023 तक यह 72,937 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, और भजन लाल शर्मा के कार्यकाल में जुलाई 2025 में संशोधित प्रस्ताव के बाद कुल लागत 79,459 करोड़ रुपए हो गई।


रिफाइनरी की विशेषताएँ

यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिसे एचआरआरएल के तहत विकसित किया गया है। यह देश की आधुनिक बीएस-6 मानक वाली रिफाइनरियों में से एक है और इसमें 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा।


रिफाइनरी की वार्षिक क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की है, और यहां 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल प्लांट भी स्थापित किया गया है। इसके लिए कच्चा तेल अरब देशों और राजस्थान से लाया जाएगा।


इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए बालोतरा से पचपदरा तक नई रेलवे लाइन बिछाने की योजना है, जिससे माल ढुलाई में आसानी होगी। इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।