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पुणे में शहीद मेजर प्रदीप ताथावड़े पर डॉक्यूमेंट्री का भव्य प्रीमियर

पुणे में शहीद मेजर प्रदीप ताथावड़े की प्रेरणादायक जीवन यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘शौर्य दीप’ का भव्य प्रीमियर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पीवी नाइक भी उपस्थित रहे। मेजर ताथावड़े ने 2000 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ अदम्य साहस दिखाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। डॉक्यूमेंट्री में उनके जीवन, शिक्षा और सैन्य करियर की झलक प्रस्तुत की गई है। यह फिल्म देशभर में प्रदर्शित की जाएगी, जिसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रसेवा और बलिदान की भावना से प्रेरित करना है।
 

डॉक्यूमेंट्री का विशेष प्रीमियर

पुणे: शहीद मेजर प्रदीप आर ताथावड़े, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, की प्रेरणादायक जीवन यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘शौर्य दीप शहीद मेजर प्रदीप ताथावड़े, कीर्ति चक्र’ का भव्य प्रीमियर 21 जून को पुणे के कोथरूड स्थित सिटी प्राइड थिएटर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल पीवी नाइक (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मेजर ताथावड़े के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हुए।


मेजर प्रदीप ताथावड़े, जो सैनिक स्कूल सतारा के पूर्व छात्र थे, ने 17 जून 2000 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में आतंकवादियों के खिलाफ एक सैन्य अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी इस वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया, जो शांतिकाल में दिया जाने वाला देश का दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। वे सैनिक स्कूल सतारा से इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले सबसे उच्चस्तरीय पूर्व छात्र हैं।


निर्देशक शेखर नाइक द्वारा निर्मित यह डॉक्यूमेंट्री 2 घंटे 33 मिनट लंबी है और मेजर ताथावड़े के जीवन, व्यक्तित्व, शिक्षा और सैन्य करियर की विस्तृत झलक प्रस्तुत करती है। इस परियोजना की पहल उनके सहपाठियों ने की थी। फिल्म में उनके परिवार, सैनिक स्कूल, नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए), इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) के मित्रों और 8 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के साथियों के साक्षात्कार शामिल हैं।


इस डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग भारतीय सेना की आधिकारिक अनुमति से देश के विभिन्न महत्वपूर्ण सैन्य और ऐतिहासिक स्थलों पर की गई। फिल्मांकन पुंछ, जम्मू, श्रीनगर, कुपवाड़ा, लेह-लद्दाख, सियाचिन बेस कैंप, दिल्ली, हैदराबाद, नासिक, पुणे, सतारा, बेलगाम, कोलकाता और आगरा जैसे कई स्थानों पर किया गया। मेजर ताथावड़े को करीब से जानने वाले लोगों के अनुभवों को संजोने के लिए लगभग 60 विस्तृत साक्षात्कार रिकॉर्ड किए गए हैं।


निर्देशक शेखर नाइक ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री एक सैनिक को समझने की उनकी व्यक्तिगत यात्रा रही है। उन्होंने बताया कि फिल्म के माध्यम से दर्शकों को न केवल मेजर ताथावड़े के जीवन और कर्तव्यनिष्ठा की झलक मिलेगी, बल्कि भारतीय सेना के अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति को भी करीब से समझने का अवसर मिलेगा।


अब इस डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन देशभर के विभिन्न शहरों में किया जाएगा, जिसमें कई स्थानों पर निःशुल्क विशेष शो आयोजित किए जाएंगे। इन शो का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की भावना से प्रेरित करना है।