पूर्व एसडीएम शिल्पी पात्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में सुनवाई का रास्ता साफ
शिल्पी पात्रा की मुश्किलें बढ़ीं
करीब नौ साल पुराने एक प्रमुख रिश्वत मामले में पूर्व एसडीएम शिल्पी पात्रा की स्थिति और भी कठिन हो गई है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे अब सीबीआई की विशेष अदालत में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर सुनवाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
हाईकोर्ट के निर्णय के बाद मामला आगे बढ़ा
शिल्पी पात्रा पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यवसायी से शोरूम की सील हटाने के लिए रिश्वत मांगी थी। 2017 में सीबीआई ने उन्हें, उनके पति धीरज दत्त और एक कथित बिचौलिए को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद, शिल्पी पात्रा ने अभियोजन की मंजूरी को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जो काफी समय तक लंबित रही। अब अदालत ने इसे खारिज कर दिया है, जिससे सीबीआई की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तारी
सीबीआई के अनुसार, पंचकूला के एक व्यवसायी ने शिकायत की थी कि उसकी संपत्ति की सील हटाने के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। जांच के दौरान पता चला कि पहले पांच लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ। सीबीआई ने ट्रैप लगाकर पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेते समय कार्रवाई की थी, जिसके आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अगली सुनवाई 15 जुलाई को
सीबीआई की विशेष अदालत में मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। हाल की सुनवाई में, शिल्पी पात्रा ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी। अदालत ने इस बार राहत देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी छूट आसानी से स्वीकार नहीं की जाएगी। अब अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी और इसके बाद मुकदमे की आगे की कार्रवाई शुरू होगी।