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पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी: केंद्र सरकार का बयान

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और इनकी कीमतों में वृद्धि की कोई संभावना नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल की रिपोर्टों को भ्रामक बताया है, जो लोगों में डर फैलाने का प्रयास कर रही हैं। मंत्रालय ने बताया कि भारत में पिछले चार वर्षों में इन ईंधनों की कीमतें स्थिर रही हैं। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया है और सरकार के राहत प्रयासों के बारे में।
 

पेट्रोलियम मंत्रालय ने अफवाहों का खंडन किया


पेट्रोलियम मंत्रालय ने इससे जुड़ी सभी खबरों को बताया अफवाह, देश में र्इंधर भरपूर मात्रा में उपलब्ध


नई दिल्ली: केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने बताया कि देश में दो महीने से अधिक का स्टॉक उपलब्ध है और इनकी कीमतों में वृद्धि की कोई संभावना नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरों को भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने कहा कि कुछ समाचार रिपोर्टों में इनकी कीमतों में वृद्धि का दावा किया जा रहा है, जबकि सरकार के पास इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं है।


रिपोर्ट में किए गए दावे

एक रिपोर्ट में यह कहा गया था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं। राज्य चुनावों के बाद इनकी कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई गई थी। सरकार ने कहा कि ऐसी खबरें लोगों में डर फैलाने के लिए चलाई जा रही हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।


जनता को राहत देने के प्रयास

मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद आम जनता को राहत देने के लिए लगातार कदम उठाए हैं। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें प्रमुख हैं। जब वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल महंगा होता है, तो घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।