पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि, आम जनता पर पड़ेगा असर
कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान
नई दिल्ली। कई दिनों तक चर्चा के बाद, अंततः पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि की गई है। पहले चरण में, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर और गैस के दाम में दो रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोल के दाम में तीन रुपए 14 पैसे और डीजल के दाम में तीन रुपए 11 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की।
नई कीमतें और उनका प्रभाव
इस बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। ये नए दाम 15 मई से लागू हो गए हैं। लगभग दो वर्षों के बाद, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, प्रमुख शहरों में सीएनजी की कीमत भी दो रुपए प्रति किलो तक बढ़ गई है। अब दिल्ली में एक किलो सीएनजी के लिए 79.09 रुपए खर्च करने होंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी'। उन्होंने आगे कहा कि तीन रुपए का झटका तो लग चुका है, बाकी की वसूली अभी किस्तों में की जाएगी। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार की गलतियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
आम जनता पर प्रभाव
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से पहले ही कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने लगी थीं, लेकिन अब डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम आदमी की जेब और रसोई पर पड़ेगा। माल ढुलाई महंगी होगी और खेती की लागत भी बढ़ेगी, जिससे खाद्य पदार्थ महंगे होंगे। पश्चिम एशिया में संकट के कारण रासायनिक उर्वरकों की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिसका असर खाद्य वस्तुओं पर पड़ेगा।
भविष्य की संभावनाएं
हालांकि, कीमतों में वृद्धि यहीं नहीं रुकेगी। सरकार का कहना है कि भारत की सभी पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगा कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनका घाटा बढ़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों को हर दिन एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। इससे पहले, सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती की थी, जिससे सरकार का राजस्व भी कम हो रहा है। इसकी भरपाई की जानी है, इसलिए आम लोगों को आगे और बढ़ोतरी के लिए तैयार रहना चाहिए।