पैक्स को डिजिटल मोड में लाने से बढ़ेगी पारदर्शिता: डीसी अभिषेक मीणा की बैठक
जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी कमेटी की समीक्षा
रेवाड़ी। शुक्रवार को, डीसी अभिषेक मीणा ने लघु सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी कमेटी की बैठक में को-ऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने नाबार्ड द्वारा संचालित योजनाओं, पैक्स की कार्यप्रणाली और जिले में चल रही को-ऑपरेटिव सोसायटियों के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीसी ने बताया कि पैक्स को डिजिटल रूप से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से बिलिंग और अन्य कार्यों के संचालन से पारदर्शिता बढ़ेगी।
उन्होंने सभी पैक्स के लिए डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाने और नियमित ऑडिट सुनिश्चित करने की बात कही। इसके साथ ही, नाबार्ड द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं के लाभ को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
डीसी ने पैक्स संचालकों को ग्रेन स्टॉरेज के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि उन्हें आर्थिक लाभ मिल सके। इसके लिए नाबार्ड और को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सस्ते लोन की जानकारी भी साझा की जानी चाहिए।
इस बैठक में को-ऑपरेटिव सोसायटी के महाप्रबंधक प्रशांत यादव, नाबार्ड एजीएम जगदीश परिहार, को-ऑपरेटिव सोसायटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार नरेश और विकास अधिकारी राकेश यादव भी उपस्थित थे।