पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम: जानें निवेश की सीमाएं और लाभ
पोस्ट ऑफिस MIS स्कीम का परिचय
पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS): यह योजना उन व्यक्तियों के लिए है जो अपनी जमा पूंजी से नियमित ब्याज प्राप्त करना चाहते हैं। एक व्यक्ति एक से अधिक खाते खोल सकता है, लेकिन एक महत्वपूर्ण नियम है जिसे नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। अलग-अलग खातों में जमा कुल राशि एक निश्चित सीमा से अधिक नहीं हो सकती।
खातों की संख्या और निवेश की सीमा
अर्थात, कई खाते होने का मतलब यह नहीं है कि हर खाते के लिए अलग निवेश सीमा मिलेगी। यदि किसी ने एक खाते में ₹4 लाख और दूसरे में ₹5 लाख जमा किए हैं, तो कुल निवेश ₹9 लाख ही माना जाएगा। नए खाते खोलने की अनुमति है, लेकिन कुल जमा राशि निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसलिए खाता खोलने से पहले निवेश की पूरी गणना समझना आवश्यक है।
व्यक्तिगत और जॉइंट MIS खातों की सीमाएं
व्यक्तिगत MIS खातों में अधिकतम ₹9 लाख तक निवेश किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ने तीन खाते खोले हैं और पहले में ₹3 लाख, दूसरे में ₹2 लाख और तीसरे में ₹4 लाख जमा किए हैं, तो कुल राशि ₹9 लाख होगी। चौथे खाते के लिए निवेश की सीमा नहीं बढ़ेगी।
जॉइंट MIS खातों के लिए अधिकतम निवेश सीमा ₹15 लाख है। यहां भी अलग-अलग खाते खोलकर इस सीमा को नहीं बढ़ाया जा सकता। उदाहरण के लिए, यदि दो जॉइंट खातों में ₹8 लाख और ₹7 लाख जमा हैं, तो कुल निवेश ₹15 लाख होगा।
₹9 लाख निवेश पर मासिक आय
यदि कोई व्यक्ति MIS में अधिकतम ₹9 लाख जमा करता है और ब्याज दर 7.4 प्रतिशत सालाना रहती है, तो सालभर में लगभग ₹66,600 ब्याज बनता है। इसे 12 महीनों में बांटने पर हर महीने लगभग ₹5,550 की ब्याज आय होती है। यह ब्याज मूल निवेश से अलग मिलता है। MIS की अवधि 5 साल है, इसलिए निवेश करने से पहले यह देखना जरूरी है कि इस अवधि में रकम की तत्काल आवश्यकता तो नहीं पड़ेगी।
पैसा निकालने का नियम
MIS खाते से जरूरत पड़ने पर पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन खाता खुलने के एक साल बाद ही समय से पहले निकासी की सुविधा मिलती है। इस स्थिति में लागू नियमों के अनुसार कटौती या पेनाल्टी हो सकती है। खासकर मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने पर मिलने वाली रकम प्रभावित हो सकती है। इसलिए केवल मासिक ब्याज देखकर निवेश करने के बजाय अपनी जरूरत और निवेश अवधि को ध्यान में रखना आवश्यक है।