प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा: भारत-जापान संबंधों में नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी का जापान दौरा
PM Modi Japan visit 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जापान में दूसरा दिन है। यह यात्रा भारत और जापान के बीच 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के तहत आयोजित की जा रही है। आज, वह जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ लंच करेंगे, इसके बाद वह एक इलेक्ट्रॉनिक फैक्ट्री का दौरा भी करेंगे। पीएम मोदी ने इस यात्रा को भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और अब समय आ गया है कि इन्हें नई तकनीक, निवेश और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में और आगे बढ़ाया जाए।
जापान का आतंकवाद के खिलाफ समर्थन
आतंकवाद के खिलाफ जापान का समर्थन
इस यात्रा के दौरान, जापान ने भारत के साथ एकजुटता दिखाते हुए पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। जापानी सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है। यह बयान भारत और जापान के बीच सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।
डिफेंस और टेक्नोलॉजी में सहयोग
डिफेंस, समुद्री सुरक्षा और टेक्नोलॉजी में साझेदारी होगी मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान दोनों ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्वतंत्र, शांतिपूर्ण और नियम-आधारित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की चिंताएं साइबर सुरक्षा और आतंकवाद को लेकर समान हैं। इसलिए, अब दोनों देश रक्षा उद्योग, नवाचार, और समुद्री सुरक्षा में गहरा सहयोग करेंगे। इससे क्षेत्रीय स्थिरता को भी मजबूती मिलेगी और नई टेक्नोलॉजी में मिलकर काम करने का रास्ता खुलेगा।
भविष्य की साझेदारी के क्षेत्र
सेमीकंडक्टर्स और रेयर अर्थ मिनरल्स बनेंगे साझेदारी का आधार
पीएम मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान कहा कि भविष्य में भारत और जापान की साझेदारी के केंद्र में सेमीकंडक्टर्स और रेयर अर्थ मिनरल्स होंगे। हाई टेक्नोलॉजी, डिजिटल सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर आगे बढ़ेंगे। इस दिशा में “डिजिटल पार्टनरशिप 2.0” और “AI कोऑपरेशन इनिशिएटिव” जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत की युवा प्रतिभा मिलकर वैश्विक स्तर पर एक प्रभावी ताकत बन सकते हैं।
हाई-स्पीड रेल और मोबिलिटी में सहयोग
नई तकनीक, हाई-स्पीड रेल और मोबिलिटी में भी होगा सहयोग
भारत और जापान मिलकर हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहे हैं, जो दोनों देशों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही “नेक्स्ट जनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप” के अंतर्गत पोर्ट्स, एविएशन और शिपबिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में टिकाऊ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
नई साझेदारी की रूपरेखा
एक नया रोडमैप और साझा भविष्य की योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी पीएम शिगेरु इशिबा के साथ बातचीत को "उत्पादक और सार्थक" बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर एक ऐसे रोडमैप की नींव रखी है जो अगले 10 वर्षों तक साझेदारी को नई दिशा देगा। इस विज़न के केंद्र में निवेश, नवाचार, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरण, तकनीक, स्वास्थ्य सेवाएं, जन-संपर्क और राज्य-स्तरीय सहयोग होंगे। इसके साथ ही दोनों देश “सस्टेनेबल फ्यूल इनिशिएटिव” और “बैटरी सप्लाई चेन पार्टनरशिप” जैसी परियोजनाओं पर भी मिलकर काम करेंगे.
भारत-जापान की मजबूत साझेदारी
मजबूत साझेदारी की ओर भारत-जापान
पीएम मोदी की जापान यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं है, बल्कि भारत-जापान के रिश्तों में नई ऊर्जा भरने का प्रयास है। यह यात्रा सुरक्षा, तकनीक, आर्थिक विकास और वैश्विक रणनीति जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग को नया आकार दे रही है। दोनों देशों की यह साझेदारी आने वाले वर्षों में एशिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन सकती है.