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प्रधानमंत्री मोदी की सोशल मीडिया रणनीति: युवाओं से जुड़ने का नया तरीका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया उपस्थिति पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जिसमें X पर 100 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार करना शामिल है। उनके Instagram और YouTube अकाउंट्स ने भी बड़ी संख्या में अनुयायी जुटाए हैं। युवाओं तक पहुंचने के लिए रील्स और शॉर्ट वीडियो का उपयोग किया जा रहा है। जानें कैसे पीएम मोदी की डिजिटल रणनीति भारत में राजनीतिक संचार के तरीकों को बदल रही है।
 

प्रधानमंत्री मोदी की डिजिटल उपस्थिति


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया उपस्थिति पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। X प्लेटफॉर्म पर 100 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार करने के बाद, उनके Instagram और YouTube अकाउंट्स ने भी बड़ी संख्या में अनुयायी जुटाए हैं। युवाओं तक पहुंचने के लिए रील्स और शॉर्ट वीडियो का उपयोग भी बढ़ा है।


डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी की पहुंच

प्रधानमंत्री मोदी की डिजिटल उपस्थिति अब कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैली हुई है। जुलाई 2024 में X पर उनके फॉलोअर्स की संख्या 100 मिलियन को पार कर गई थी, जिसकी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने साझा की थी। इसके बाद से उनका सोशल मीडिया नेटवर्क लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।


X के अलावा, Instagram, Facebook और YouTube उनके डिजिटल संवाद के मुख्य माध्यम बने हुए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी घोषणाओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों की जानकारी, तस्वीरें और वीडियो साझा किए जाते हैं। Instagram पर भी प्रधानमंत्री मोदी का अकाउंट बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच बना चुका है।


युवाओं से जुड़ने पर जोर

सोशल मीडिया रणनीति में युवा इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए लोकप्रिय डिजिटल फॉर्मेट का उपयोग किया जा रहा है। रील्स, छोटे वीडियो और ट्रेंडिंग कंटेंट के माध्यम से संवाद स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। 2026 में प्रधानमंत्री की सोशल मीडिया गतिविधियों में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के उदाहरण भी देखने को मिले हैं।


YouTube पर भी प्रधानमंत्री के आधिकारिक चैनल की पहुंच में वृद्धि हुई है। लंबे भाषणों और कार्यक्रमों के साथ-साथ छोटे वीडियो और अन्य डिजिटल फॉर्मेट भी दर्शकों तक पहुंचते हैं। इससे सोशल मीडिया केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे डिजिटल संवाद का एक माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री की बहु-प्लेटफॉर्म उपस्थिति भारत में राजनीतिक संचार के बदलते तरीकों को भी दर्शाती है।