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प्रधानमंत्री मोदी के मुफ्त मोबाइल फोन योजना का दावा फर्जी साबित हुआ

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुफ्त मोबाइल फोन देने जा रहे हैं। हालांकि, PIB फैक्ट चेक ने इस दावे को पूरी तरह से फर्जी बताया है। वीडियो में कहा गया है कि लाभार्थियों को आधार और राशन कार्ड की आवश्यकता है, लेकिन सरकार ने ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की है। PIB ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें। जानें इस फर्जी दावे के बारे में और क्या कहा गया है।
 

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का सच


इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार पात्र नागरिकों को मुफ्त मोबाइल फोन देने जा रही है। वीडियो में बताया गया है कि जिनके पास आधार कार्ड और राशन कार्ड है, और जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी नहीं करता, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।


फर्जी योजना का खुलासा

इस वायरल वीडियो में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक नई योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत जरूरतमंदों को मुफ्त मोबाइल फोन दिए जाएंगे। वीडियो में यह भी उल्लेख किया गया है कि लाभार्थियों के पास आधार और राशन कार्ड होना आवश्यक है, और उनके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए।


PIB फैक्ट चेक ने किया खुलासा

इस वीडियो के वायरल होने के बाद, इसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग इकाई PIB फैक्ट चेक ने इसे पूरी तरह से भ्रामक और फर्जी बताया है। PIB ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस वीडियो की तस्वीर साझा करते हुए उस पर 'फर्जी' लिखा है।


PIB के अनुसार, यह वीडियो 'GovtEdge' नामक फेसबुक पेज से जुड़ा हुआ है, जिसमें मुफ्त मोबाइल फोन वितरण का दावा किया गया था। फैक्ट चेक के बाद स्पष्ट किया गया कि केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री मोदी की ओर से ऐसी किसी योजना की न तो घोषणा की गई है और न ही कोई आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।


सरकार की अपील

फेसबुक पेज 'GovtEdge' द्वारा साझा किए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI जनित वीडियो में दावा किया जा रहा है कि 25 वर्ष से अधिक उम्र के आधार कार्ड धारकों को फ्री स्कूटी दी जा रही है। #PIBFactCheck

❌ यह दावा #फर्जी है। प्रधानमंत्री द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।

⚠️ कृपया… pic.twitter.com/AzqcttmY56

— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 6, 2026


PIB ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना या घोषणा की जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि केवल आधिकारिक स्रोतों से करें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, पोस्ट या संदेशों को बिना जांचे-परखे साझा करने से बचने की सलाह दी गई है।


सरकार का कहना है कि फर्जी सूचनाएं न केवल लोगों को भ्रमित करती हैं, बल्कि साइबर धोखाधड़ी और व्यक्तिगत जानकारी की चोरी जैसी घटनाओं का कारण भी बन सकती हैं। इसलिए किसी भी वायरल संदेश पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करना बेहद जरूरी है।