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फरीदकोट में नशा विरोधी अभियान से अपराध में कमी

फरीदकोट में भगवंत मान सरकार के नशा विरोधी अभियान ने अपराध में 37% की कमी और लूटपाट के मामलों में 97% की रिकवरी दर हासिल की है। सख्त कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और जनभागीदारी के माध्यम से नशा नेटवर्क को कमजोर किया गया है। पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच सहयोग बढ़ा है, जिससे नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव हो रही है। यह अभियान न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ा रहा है।
 

फरीदकोट का नशा विरोधी अभियान


फरीदकोट: भगवंत मान सरकार के नशा विरोधी अभियान ने फरीदकोट जिले में उल्लेखनीय परिणाम दिखाए हैं। यहां कुल अपराध में 37% की कमी आई है, और लूटपाट के मामलों में 97% की रिकवरी दर हासिल की गई है। यह सब 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' और 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत चलाए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।


फरीदकोट में यह सकारात्मक परिवर्तन सख्त कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और जनभागीदारी के संयोजन से संभव हुआ है। इन उपायों ने नशा नेटवर्क को कमजोर किया है और कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है। भगवंत मान सरकार का नशे के खिलाफ अभियान अब जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ग्राम रक्षा समितियों (VDC), गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और सामाजिक संस्थाओं के साथ नियमित संवाद से जमीनी स्तर पर खुफिया जानकारी में सुधार हुआ है। अब लोग नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों की जानकारी साझा करने में सक्रिय हैं, जिससे पुलिस को त्वरित और सटीक कार्रवाई करने में मदद मिल रही है।


अभियान की निगरानी कर रहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रज्ञा जैन ने कहा, “लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है क्योंकि सूचनादाताओं की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है और त्वरित कार्रवाई की जाती है। सभी आयु वर्ग के लोग इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।” उन्होंने कहा कि यह विश्वास नशे और अपराध के खिलाफ कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण ताकत बन गया है।


इस बदलाव में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। फरीदकोट के प्रमुख स्थानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों ने निगरानी और प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाया है। ढिलवां कलां गांव में एक व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया गया है, जो लिंक सड़कों और आसपास के राजमार्गों को कवर करता है। इस प्रणाली की रियल-टाइम निगरानी गांव प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए उपलब्ध है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।


स्थानीय लोगों ने भी इन प्रयासों के सकारात्मक प्रभाव को स्वीकार किया है। गांव के सरपंच सुखजीत सिंह ने बताया कि सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से नशा तस्करी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों का समय पर पता चल रहा है, जिससे पुलिस तुरंत कार्रवाई कर पा रही है और अपराध होने से पहले ही आरोपियों को पकड़ रही है।


सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने भी इस बदलाव को सराहा है। सहारा सेवा सोसाइटी के चेयरमैन प्रवीण काला ने कहा कि सख्त कार्रवाई से जिले में नशा तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और पुलिस के साथ लोगों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है।


अधिकारियों ने बताया कि सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और पर्यावरण व पौधारोपण जैसी सामुदायिक पहलों का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि नशे के खिलाफ दीर्घकालिक सामाजिक बदलाव सुनिश्चित किया जा सके।


भगवंत मान सरकार के 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' अभियान के तहत सख्त पुलिसिंग, तकनीक का प्रभावी उपयोग और मजबूत जनभागीदारी के साथ फरीदकोट एक आदर्श जिले के रूप में उभर रहा है। यह दर्शाता है कि समन्वित प्रयासों से नशा नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है और कानून-व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत किया जा सकता है।