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फरीदाबाद में अवैध कमर्शियल गतिविधियों पर कार्रवाई, पूर्व पुलिस अधिकारी ने रोका

फरीदाबाद के सेक्टर-76 में डीटीपी ने बिना अनुमति चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान 9 यूनिट को सील किया गया, जबकि कुछ संचालकों को स्थान खाली करने का निर्देश दिया गया। कार्रवाई के दौरान एक रिटायर सब इंस्पेक्टर ने हस्तक्षेप किया, जिससे पुलिस और डीटीपी के अधिकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे रिहायशी क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां न चलाएं।
 

हरियाणा में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई

हरियाणा के फरीदाबाद में, सेक्टर-76 के पी ब्लॉक में बिना अनुमति के चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 9 यूनिट को सील किया गया है। कुछ संचालकों को सोमवार तक स्थान खाली करने का निर्देश दिया गया है.


शिकायत के आधार पर की गई कार्रवाई

डीटीपी अधिकारी यजन चौधरी ने बताया कि सेक्टर-76 में कुछ लोग रिहायशी मकानों के ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें खोलकर अवैध गतिविधियां चला रहे थे। विभाग को इस बारे में शिकायत मिली थी। पहले संबंधित लोगों को नोटिस देकर गतिविधियां बंद करने के लिए कहा गया था, लेकिन कई ने इसे नजरअंदाज किया। इसके बाद, डीटीपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।


रिटायर सब इंस्पेक्टर ने रोका कार्रवाई

इस कार्रवाई के दौरान, हरियाणा पुलिस के रिटायर सब इंस्पेक्टर ने हस्तक्षेप किया और डीटीपी अधिकारी तथा पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने लगा। रिटायर सब इंस्पेक्टर ने खुद प्रॉपर्टी कार्यालय खोला हुआ था। डीटीपी ने पुलिस से कई बार अनुरोध किया कि रिटायर अधिकारी को हटाया जाए, लेकिन पुलिस का रवैया ढुलमुल रहा।


कमर्शियल गतिविधियों की संख्या

डीटीपी अधिकारी यजन चौधरी के अनुसार, लगभग 15 यूनिट में अवैध गतिविधियां चल रही थीं। इनमें से 9 यूनिट को सील किया गया, जबकि 4 से 5 यूनिट संचालकों ने कार्रवाई से पहले ही स्थान खाली कर दिया था। इन स्थानों पर ब्यूटी पार्लर, क्लिनिक और बिना अनुमति के नर्सिंग होम जैसी गतिविधियां चल रही थीं।


लोगों से अपील

अधिकारी ने बताया कि एक नर्सिंग होम में कुछ मरीज भर्ती थे, जिन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए संचालक को सोमवार तक का समय दिया गया है। इसके बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यजन चौधरी ने लोगों से अपील की कि वे रिहायशी क्षेत्रों में बिना अनुमति के कोई कमर्शियल गतिविधि न चलाएं, क्योंकि इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है।