फिल्मी सितारों का सोनम वांगचुक के समर्थन में उतारना, सरकार से बातचीत की अपील
सोनम वांगचुक का अनशन और समर्थन
मुंबई: भारतीय इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सी. सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ अनशन शुरू किया है। उनके समर्थन में अब मनोरंजन जगत की जानी-मानी अभिनेत्री जीनत अमान और फिल्म '3 इडियट्स' के 'चतुर', ओमी वैद्य भी सामने आए हैं। दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से बातचीत का आग्रह किया है।
जीनत अमान ने सोनम वांगचुक की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "मेरे विचार आज दिल्ली में हैं, जहां सोनम वांगचुक जी पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। मैंने सुना है कि उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और उन्हें काफी परेशानी हो रही है। जब उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, 'मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए, सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही।'"
उन्होंने आगे लिखा, "सोनम वांगचुक जी एसईसीएमओएल (स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख) के संस्थापक हैं। उन्होंने 'आइस स्तूप' जैसी अद्वितीय तकनीक विकसित की है और लद्दाख में शिक्षा सुधार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। फिल्म '3 इडियट्स' का प्रसिद्ध किरदार 'फुनसुख वांगड़ू', जिसे आमिर खान ने निभाया था, उनकी प्रेरणा से बनाया गया था। उन्हें समाज में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार भी मिले हैं।"
जीनत अमान ने भारत सरकार से निवेदन किया कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सोनम वांगचुक से बातचीत की जाए, क्योंकि यह केवल लद्दाख का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, "हमें ऐसा समाज नहीं बनाना चाहिए जो अपने देश के एक महान और ईमानदार व्यक्ति को चुपचाप कष्ट सहते हुए देखता रहे। भारत में हमेशा से शांतिपूर्ण विरोध की परंपरा रही है, और सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे शांतिपूर्ण आंदोलन का जवाब बातचीत और समझदारी से दे।"
वहीं, ओमी वैद्य ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि वे सोनम वांगचुक को मरते नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा, "मैं 3 इडियट्स का वही 'चतुर' हूं और आज एक जरूरी संदेश देना चाहता हूं। फिल्म में आमिर खान का फुंसुक वांगड़ू वाला किरदार असल जिंदगी के सोनम वांगचुक से प्रेरित था।"
ओमी वैद्य ने कहा, "सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और लद्दाख के लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। हमें ऐसे इंसान को मरते हुए नहीं देखना चाहिए जिसने समाज के लिए इतने अच्छे काम किए हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि अगर आप उनकी मांगों से सहमत हैं, तो सोशल मीडिया पर उनकी बात फैलाएं और जनप्रतिनिधियों तक यह मुद्दा पहुंचाएं।"