फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए जानें ये आसान टिप्स
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर
गुरुग्राम, 17 अप्रैल। वर्तमान समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम लोगों के बजट पर भारी पड़ रही हैं। इस स्थिति में हर वाहन चालक की प्राथमिकता 'फ्यूल एफिशिएंसी' यानी बेहतर माइलेज बन जाती है। अक्सर हम अपनी ड्राइविंग के दौरान कुछ ऐसी गलतियाँ कर देते हैं, जो सीधे इंजन पर दबाव डालती हैं और ईंधन की खपत को बढ़ा देती हैं। एक अनुभवी ड्राइवर और मैकेनिक के दृष्टिकोण से, गाड़ी की स्थिति और आपके ड्राइविंग के तरीके से यह तय होता है कि आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा।
स्मूद ड्राइविंग का महत्व
स्मूद ड्राइविंग ही है असली मंत्र
गाड़ी को अचानक तेज़ चलाना या बार-बार जोर से ब्रेक लगाना ईंधन की बर्बादी का मुख्य कारण है। जब आप बेवजह रेस देते हैं, तो इंजन को अधिक ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ज्यादा ईंधन जलाना पड़ता है। समझदारी इसी में है कि ट्रैफिक को समझते हुए धीरे-धीरे गति बढ़ाएं। साथ ही, सही गति पर सही गियर का चयन करें। कम गति में बड़े गियर या तेज गति में छोटे गियर का उपयोग करना इंजन के लिए 'साइलेंट किलर' जैसा होता है, जो माइलेज को काफी हद तक कम कर देता है।
क्या आप भी कर रहे हैं ये गलतियाँ?
क्या आप भी कर रहे हैं ये नजरअंदाज?
वाहन विशेषज्ञों के अनुसार, टायर में हवा की कमी सड़क और टायर के बीच घर्षण को बढ़ा देती है। इससे इंजन को गाड़ी खींचने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। हफ्ते में कम से कम एक बार टायर प्रेशर की जांच अवश्य कराएं। इसके अलावा, कई लोग अपनी गाड़ी की डिग्गी में भारी सामान भरकर चलते हैं। याद रखें, गाड़ी जितनी भारी होगी, उसे चलाने के लिए उतना ही अधिक पेट्रोल खर्च होगा। इसलिए गैर-जरूरी सामान को तुरंत बाहर निकालें।
सिग्नल पर इंजन बंद करने का महत्व
सिग्नल पर सुस्ती पड़ सकती है महंगी
अक्सर लोग 60 सेकंड से अधिक लंबे ट्रैफिक सिग्नल पर भी इंजन चालू रखते हैं। यह न केवल प्रदूषण बढ़ाता है, बल्कि आपकी मेहनत की कमाई को भी बर्बाद करता है। यदि आपको कहीं भी 30 सेकंड से अधिक रुकना पड़े, तो इंजन बंद कर देना बेहतर है। इसके अलावा, समय पर सर्विसिंग कराना, एयर फिल्टर बदलना और इंजन ऑयल की गुणवत्ता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। एक अच्छी तरह से मेंटेन की गई गाड़ी पुरानी होने के बावजूद शानदार माइलेज दे सकती है।
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