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फ्लाई91 एयरलाइंस की उड़ान में तकनीकी खराबी से यात्रियों में हड़कंप

सोमवार को फ्लाई91 एयरलाइंस की उड़ान में तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को चार घंटे तक आसमान में रहना पड़ा। पायलट ने लैंडिंग को रद्द कर दिया और विमान को सुरक्षित रूप से बेंगलुरु में उतारा। इस घटना ने यात्रियों के बीच दहशत पैदा कर दी, जिससे वे प्रार्थना करने लगे। एयरलाइंस प्रबंधन पर सूचना के अभाव के आरोप लगे हैं, और मामले की जांच की जा रही है।
 

नई दिल्ली में फ्लाई91 की उड़ान में तकनीकी समस्या

नई दिल्ली: हैदराबाद से हुबली की ओर उड़ान भरने वाले फ्लाई91 एयरलाइंस के विमान में सोमवार को यात्रियों के लिए एक भयावह अनुभव रहा। तकनीकी खराबी के कारण यह फ्लाइट लगभग चार घंटे तक आसमान में ही चक्कर लगाती रही, जिससे विमान के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चालक दल की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और विमान को सुरक्षित रूप से उतार लिया गया, लेकिन इस दौरान यात्रियों की धड़कनें बढ़ गईं।


लैंडिंग में आई बाधा

फ्लाई91 की उड़ान संख्या IC3401 ने दोपहर लगभग 3 बजे हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। इस विमान को शाम 4:30 बजे हुबली पहुंचना था। जैसे ही विमान अपनी मंजिल के करीब पहुंचा, पायलट को तकनीकी खराबी का पता चला, जिसके कारण लैंडिंग को तुरंत रद्द करना पड़ा। सुरक्षित लैंडिंग की संभावनाओं को देखते हुए विमान को हवा में ही रखने का निर्णय लिया गया।


यात्रियों की चिंता और प्रार्थना

विमान लगभग चार घंटे तक मुंडगोड, दावणगेरे और शिवमोग्गा के ऊपर चक्कर लगाता रहा। इस दौरान केबिन के अंदर का दृश्य भयावह था। कई यात्री अपनी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने लगे, जबकि कुछ घबराहट में रोने लगे। यात्रियों के परिजन भी जमीन पर चिंतित थे और एयरलाइंस प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई।


बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग

लंबी जद्दोजहद के बाद, पायलट ने विमान को बेंगलुरु की ओर मोड़ने का निर्णय लिया। शाम करीब 7:30 बजे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। जैसे ही पहिए जमीन पर लगे, यात्रियों ने राहत की सांस ली और एक-दूसरे को गले लगाया। हालांकि, इस तकनीकी खराबी और आपातकालीन स्थिति में एयरलाइंस द्वारा सूचना के अभाव के कारण यात्रियों में भारी गुस्सा देखा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग जांच की तैयारी कर रहा है।