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फ्लाईदुबई की उड़ान में पायलट पर हमले के पीछे सुरक्षा चूक का मामला

फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में भारतीय पायलट पर ओमान के को-पायलट द्वारा जानलेवा हमले की घटना ने वैश्विक विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मामले में सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है। ओमान के अधिकारियों ने पहले ही अल-हम्मामी के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन उसे फिर भी नौकरी पर रखा गया। इस हमले के दौरान विमान ने 16,000 फीट की ऊंचाई खो दी, लेकिन यात्रियों और पायलटों की बहादुरी से विमान को सुरक्षित उतारा गया।
 

फ्लाईदुबई की उड़ान में जानलेवा हमला

दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भर रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर ओमान के को-पायलट हमम अल-हम्मामी द्वारा जानलेवा हमला किया गया। यह व्यक्ति पहले से ही सुरक्षा खतरे के रूप में चिह्नित था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस घटना के बाद वैश्विक विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं कि एक संदिग्ध व्यक्ति को फिर से पैसेंजर जेट की कमान कैसे सौंपी गई।


ओमान के अधिकारियों की चिंताएं

वेंस की टिप्पणियाँ उन रिपोर्टों के बाद आई हैं, जिनमें कहा गया है कि ओमान के अधिकारियों ने अल-हम्मामी के व्यवहार को लेकर पहले ही चिंता जताई थी और उसे उड़ान से हटा दिया गया था। इसके बावजूद, फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर रखा और उसे दुबई-तेल अवीव रूट पर तैनात किया।


विमानन सुरक्षा पर विचार

सोमवार को अलास्का जाने से पहले वेंस ने कहा, "यह दिलचस्प है कि हमें पता था कि वह व्यक्ति समस्याग्रस्त था।" उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन को अपनी विमानन सुरक्षा प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है, खासकर यह तय करने में कि कौन व्यक्ति यात्री विमान उड़ाने के लिए उपयुक्त है।


फ्लाईदुबई FZ1073 में हमले का विवरण

फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को एक गंभीर घटना हुई, जब अल-हम्मामी ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। इस हमले के दौरान, अल-हम्मामी ने कॉकपिट की इमरजेंसी क्रैश कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया और विमान पर कब्जा करने की कोशिश की। इस संघर्ष के कारण विमान ने 30 सेकंड में 16,000 फीट से अधिक ऊंचाई खो दी।


यात्री और पायलटों की बहादुरी

विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश इज़राइली यात्री थे। हमले के दौरान मच्छार घायल हो गए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफलता प्राप्त की। इसके बाद अन्य यात्रियों ने अल-हम्मामी को काबू करने में मदद की। फ्लाईदुबई के दो पायलटों ने, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे, विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर उतारा।


ईरान की संभावित भूमिका

वेंस ने ईरान की संभावित भूमिका के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्हें कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और वह अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की राय पर भरोसा करेंगे।