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बरेली में जल जीवन मिशन की टंकी गिरने से 7 घायल, भ्रष्टाचार के आरोप

बरेली में जल जीवन मिशन के तहत बनी एक पानी की टंकी गिरने से सात लोग घायल हो गए हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है, और सांसद नीरज मौर्य ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए गए हैं। यह घटना यूपी में टंकियों के गिरने की घटनाओं की एक लंबी श्रृंखला में एक और कड़ी है।
 

बरेली में जल जीवन मिशन की टंकी गिरने की घटना

बरेली। उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकियों के गिरने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में सिद्धार्थनगर में हल्की बारिश के दौरान एक निर्माणाधीन पानी की टंकी गिर गई। इसके अगले दिन, बरेली में ग्राम पंचायत सरदार नगर में एक नई पानी की टंकी अचानक गिर गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में सात लोग घायल हुए, जिनमें से एक की स्थिति गंभीर है। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है और उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है। आंवला के सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि वह इस मामले को दिशा बैठक में उठाएंगे। उनके अनुसार, यह घटना जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के कारण हुई है।


टंकी गिरने की घटना का विवरण

स्थानीय निवासियों ने बताया कि कुछ लोग टंकी के पास बैठे थे, तभी अचानक तेज आवाज के साथ टंकी गिर गई। मलबे में कई लोग दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। घायलों में डबरू माली, डोरीलाल गुप्ता, लखपत अंसारी, ठाकुरदास मौर्य, गुड्डू चौहान, वीरपाल सिंह और नन्नू सिंह शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है।


हर घर जल योजना के तहत बनी टंकी
यह टंकी 'हर घर जल' योजना के अंतर्गत बनाई गई थी, जिससे लगभग 6850 लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा था। इसका निर्माण NCC Limited द्वारा 21 दिसंबर 2022 को शुरू किया गया था, और इसकी लागत लगभग 3.62 करोड़ रुपये थी।


घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि पिछले एक साल से टंकी से पानी की आपूर्ति हो रही थी, लेकिन अचानक गिरना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।


सांसद नीरज मौर्य की प्रतिक्रिया
सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि यह घटना गंभीर है और वह इसे लोकसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जल मिशन में कई गड़बड़ियां हैं और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। वहीं, जिले के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।


यूपी में टंकियों के गिरने की घटनाएं

यूपी में टंकियों के गिरने की घटनाओं की एक लंबी सूची है। उदाहरण के लिए, सीतापुर में 5.31 करोड़ रुपये की लागत से बनी टंकी गिर गई थी, जिसके बाद जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।