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बांकीपुर उपचुनाव: मतगणना शुरू, परिणामों का इंतजार

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना सोमवार सुबह से शुरू हो गई है। इस चुनाव को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। भाजपा ने नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज पार्टी ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का चुनाव घोषित किया है। मतगणना के दौरान 422 मतदान केंद्रों की ईवीएम की गिनती की जाएगी। इस उपचुनाव का परिणाम यह तय करेगा कि प्रशांत किशोर की रणनीति को जनता का कितना समर्थन मिल रहा है। पूरे बिहार की नजरें अब परिणामों पर टिकी हैं।
 

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना


बांकीपुर: बिहार की प्रमुख बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणामों का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। सोमवार सुबह से मतगणना की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है, जिसमें सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती की जा रही है। इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होगी।


प्रारंभिक रुझान कुछ ही समय में सामने आने की संभावना है, जबकि दोपहर तक स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। इस उपचुनाव पर पूरे बिहार की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की तीसरी महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।


उम्मीदवारों की जानकारी

बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस उपचुनाव में भाजपा ने नीरज सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज पार्टी ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का चुनाव मानते हुए मैदान में उतरा है। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से रेखा गुप्ता भी चुनावी मैदान में हैं। इस मुकाबले को त्रिकोणीय माना जा रहा है, हालांकि मतदान के बाद आए कुछ एग्जिट पोल में जन सुराज के उम्मीदवार को भाजपा पर बढ़त मिलने का दावा किया गया था।


प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान इसे केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह बताया था। उनका कहना था कि यदि जनता भाजपा को हराने में सफल होती है, तो इसका प्रभाव दिल्ली तक महसूस किया जाएगा। दूसरी ओर, भाजपा ने इस सीट को अपने मजबूत गढ़ के रूप में पेश करते हुए जीत का विश्वास जताया है।


मतदान केंद्रों की संख्या

मतगणना पटना के एएन कॉलेज परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 422 मतदान केंद्र हैं। इन सभी केंद्रों की ईवीएम की गिनती लगभग 30 से 31 राउंड में पूरी होने की संभावना है। प्रत्येक राउंड के बाद चुनाव आयोग सभी उम्मीदवारों को मिले वोटों की आधिकारिक जानकारी प्रदान करेगा, जिससे रुझानों में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है।


सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती की जा रही है, इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होगी। चुनाव आयोग द्वारा प्रत्येक चरण के नतीजे सार्वजनिक किए जाएंगे, इसलिए अंतिम परिणाम आने तक किसी भी दावे को आधिकारिक नहीं माना जा सकता।


महत्वपूर्णता का कारण

यह उपचुनाव जन सुराज पार्टी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और उससे पहले हुए चार उपचुनावों में पार्टी कोई सीट जीतने में सफल नहीं हुई थी। ऐसे में बांकीपुर का नतीजा यह तय करेगा कि प्रशांत किशोर की राजनीतिक रणनीति को जनता का कितना समर्थन मिल रहा है। वहीं भाजपा के लिए भी यह सीट अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।


अब पूरे बिहार की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। दोपहर तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं या भाजपा अपनी सीट बचाने में सफल रहती है। अंतिम निर्णय मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा से ही होगा।