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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा: हिंदू युवक की हत्या

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में एक हिंदू युवक, जॉय महापात्रो, की हत्या कर दी गई, जिसके बाद परिवार ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। इस घटना के बाद से कई अन्य हिंदू व्यक्तियों की भी हत्या की गई है। जानें इस हिंसा के पीछे के कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
 

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा का सिलसिला जारी है, जिसमें हाल ही में एक हिंदू युवक की हत्या की गई है। मृतक की पहचान जॉय महापात्रो के रूप में हुई है, जो सुनामगंज जिले के भंगादोहोर गांव का निवासी था। परिवार के अनुसार, यह घटना गुरुवार को हुई। जॉय को एक स्थानीय दुकान पर बुलाया गया, जहां एक व्यक्ति ने उस पर हमला किया। उसे सिलहट एमएजी उस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मृत्यु हो गई। परिवार ने आरोप लगाया है कि जॉय को अमीरुल इस्लाम नामक व्यक्ति ने जहर दिया था, और वे इसे 'सुनियोजित हत्या' मानते हैं, न्याय की मांग कर रहे हैं।


हिंसा की बढ़ती घटनाएं

बांग्लादेश में भारत विरोधी कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से हिंदुओं पर हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। हादी 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों में भाग लेने की योजना बना रहे थे। हाल ही में, मयमनसिंह जिले में 27 वर्षीय युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा, 24 दिसंबर को राजबारी में अमृत मंडल को भीड़ ने मार डाला।


हिंसा की अन्य घटनाएं

इसके बाद, मयमनसिंह में 42 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास की उनके सहकर्मी ने गोली मारकर हत्या कर दी। शरियतपुर जिले में 50 वर्षीय खोकन दास को जलाकर मार दिया गया। 5 जनवरी को जेस्सोर जिले में पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या की गई। एक दिन बाद, नरसिंगदी जिले में 40 वर्षीय शरत मणि चक्रवर्ती की हत्या कर दी गई।