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बांग्लादेश में अवामी लीग की स्थापना की सालगिरह से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई

बांग्लादेश में अवामी लीग की स्थापना की सालगिरह के अवसर पर सुरक्षा को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी पर लगे प्रतिबंध अब भी प्रभावी हैं। गृह मंत्रालय ने विभिन्न जिलों में सेना की तैनाती की सिफारिश की है, ताकि अवैध जुलूस और शक्ति प्रदर्शन को रोका जा सके। जानें इस स्थिति के पीछे की वजह और पार्टी की गतिविधियों पर पाबंदियों के बारे में।
 

बांग्लादेश में सुरक्षा उपायों की तैयारी

अवामी लीग की स्थापना की सालगिरह के अवसर पर बांग्लादेश ने सुरक्षा को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी पर पिछले अंतरिम प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध अब भी प्रभावी हैं। नए नेतृत्व और सरकार के गठन के बावजूद, पार्टी और उसके सहयोगी संगठनों की गतिविधियों पर पाबंदियां जारी हैं।


अधिकारियों ने आशंका जताई है कि पार्टी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास कर सकती है, जिसके चलते सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। गृह मंत्रालय ने कई जिलों में सेना की तैनाती की सिफारिश की है। एक बंगाली दैनिक के अनुसार, गृह मंत्रालय ने सेना की तैनाती के लिए एक पत्र भेजा है, जिसमें अवामी लीग की स्थापना की सालगिरह से पहले सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।


सुरक्षा बलों की तैनाती की आवश्यकता

पत्र में उल्लेख किया गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में कई प्रतिबंधित संगठन अवैध जुलूस और शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे अराजकता की संभावना बढ़ गई है। इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने और जान-माल के नुकसान का खतरा है।


गृह मंत्रालय ने ढाका, चट्टोग्राम और गाजीपुर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के साथ-साथ नारायणगंज, गोपालगंज और फरीदपुर जिलों में नौ दिनों के लिए सैनिकों की तैनाती का अनुरोध किया है। यह तैनाती 22 जून से 30 जून तक "नागरिक प्रशासन की मदद" के तहत की जाएगी।


अवामी लीग की गतिविधियों पर नजर

सूत्रों के अनुसार, अवामी लीग की स्थापना की सालगिरह 23 जून को है, और पार्टी बिना अनुमति के जुलूस और प्रदर्शन करने की कोशिश कर सकती है। हाल ही में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अचानक जुलूस निकाले हैं।


जुलाई में हुए बड़े जन-आंदोलन के बाद, 5 अगस्त 2024 को अवामी लीग की सरकार गिर गई थी। इसके बाद, 10 मई 2025 को प्रोफ़ेसर मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग और उसके नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी होने तक पार्टी की सभी गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया।