बांग्लादेश में भगवान राम की मूर्ति निर्माण पर कट्टरपंथियों का हमला
बांग्लादेश में भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण कार्य कट्टरपंथियों के विरोध का सामना कर रहा है। प्रशासन ने धमकियों के चलते निर्माण रोक दिया है, जिससे हिंदू समुदाय में आक्रोश फैल गया है। ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया है, जबकि भारत में कई संगठनों ने इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह स्थिति भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी असर डाल सकती है।
Jun 18, 2026, 20:11 IST
बांग्लादेश में धार्मिक तनाव बढ़ा
बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उम्मीद जताई गई थी कि हिंदुओं पर हमले रुक जाएंगे और भारत के साथ संबंध बेहतर होंगे। लेकिन कुछ ही महीनों में कट्टरपंथियों ने फिर से हिंदुओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में बांग्लादेश के पलाशवाड़ी उपजिले में भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसका 80% काम पूरा हो चुका था। जैसे-जैसे यह मूर्ति बन रही थी, कट्टरपंथियों ने इसके खिलाफ धमकियां देना शुरू कर दिया, जिसके चलते प्रशासन ने निर्माण कार्य रोक दिया है।
हिंदुओं का विरोध प्रदर्शन
पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में हाथ खड़े कर दिए हैं। कट्टरपंथी समूह और मौलाना ब्रिगेड इस मूर्ति को गिराने की मांग कर रहे हैं। इस स्थिति को देखकर बांग्लादेश के हिंदू समुदाय ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक बड़ा मशाल जुलूस निकाला और अपमान के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि, बांग्लादेश सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
भारत की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
इस बीच, भारत में कई हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश के कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज उठाई है। सुप्रीम कोर्ट के वकील डॉ. एपी सिंह ने भारत सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भगवान राम की मूर्ति का निर्माण धार्मिक आस्था का प्रतीक है और इसे रोकना उचित नहीं है।
परियोजना का महत्व
बांग्लादेश में भगवान राम की मूर्ति का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसकी लागत लगभग 15.5 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में भगवान राम के अलावा भगवान कृष्ण और भगवान शिव की मूर्तियों का भी निर्माण किया जाना है। श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिदास चंद्रदास ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि इस परियोजना को पूरा करने में मदद करें।