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बांग्लादेश में हिंदू व्यक्ति पर भीड़ का हमला, मानवाधिकार समूहों में आक्रोश

बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति पर भीड़ द्वारा किए गए हमले ने मानवाधिकार संगठनों में आक्रोश पैदा कर दिया है। यह घटना 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले में हुई, जहां पीड़ित खोकन दास को गंभीर चोटें आईं। यह हमला पिछले 15 दिनों में हिंदुओं पर चौथा हमला है, जिससे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की चिंता बढ़ गई है। भारत में इस घटना के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, और कई राजनीतिक नेताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की निंदा की है।
 

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले

बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति पर एक हिंसक भीड़ ने हमला कर उसे आग लगा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले में हुई, जहां अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ती शत्रुता एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित की पहचान 50 वर्षीय खोकन दास के रूप में हुई है। वह अपने घर लौट रहा था जब हमलावरों के एक समूह ने उसे घेर लिया। बताया गया है कि भीड़ ने उस पर धारदार हथियारों से हमला किया, उसे बार-बार पीटा और फिर आग लगा दी। इस क्रूर हमले ने मानवाधिकार संगठनों में आक्रोश पैदा कर दिया है, जो लक्षित हिंसा में खतरनाक वृद्धि की ओर इशारा कर रहे हैं।


पिछले हमलों की श्रृंखला

यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले 15 दिनों में बांग्लादेश में किसी हिंदू पर यह चौथा हमला था। इससे पहले, 24 दिसंबर को कालीमोहर यूनियन के हुसैनडांगा इलाके में भीड़ ने 29 वर्षीय अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। एक अन्य घटना में, मयमनसिंह के भालुका स्थित एक कपड़ा कारखाने में एक हिंदू युवक को उसके सहकर्मी ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके अलावा, 18 दिसंबर को मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक की भीड़ ने बेरहमी से हत्या कर दी, जिसके बाद उसके शव को सड़क के बीचोंबीच एक पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई। यह उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में भारत के कई शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। कई भारतीय राजनीतिक नेताओं ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की निंदा की है और भारत सरकार से इस मामले में राजनयिक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।


बांग्लादेश में अशांति का माहौल

यहां यह उल्लेखनीय है कि 18 दिसंबर को प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की मृत्यु के बाद बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन हुए। उनकी हत्या ने भारत-बांग्लादेश संबंधों में नए सिरे से तनाव पैदा कर दिया है। भारत ने हादी की मृत्यु की गहन जांच की मांग की है। हादी की मृत्यु में भारतीय संलिप्तता के निराधार आरोपों के कारण बांग्लादेश में भारत-विरोधी भावनाएँ भड़क उठीं, जिसके चलते भारत ने विस्तृत जांच की मांग की। हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता व्यक्त करता रहा है।