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बाल आधार कार्ड: जानें इसके महत्व और प्रक्रिया

आधार कार्ड आज के समय में हर व्यक्ति के लिए आवश्यक हो गया है, खासकर बच्चों के लिए। जानें बाल आधार कार्ड के महत्व, माता-पिता की भूमिका और इसे बनवाने की प्रक्रिया के बारे में। यह जानकारी आपको आवश्यक अपडेट और नियमों के बारे में भी बताएगी, जिससे आप अपने बच्चे के आधार कार्ड को सही तरीके से प्रबंधित कर सकें।
 

बाल आधार कार्ड की आवश्यकता

नई दिल्ली: आजकल आधार कार्ड अधिकांश लोगों के दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। चाहे बैंक से संबंधित कार्य हों, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना हो या किसी सेवा में पहचान स्थापित करनी हो, 12 अंकों की आधार संख्या की आवश्यकता होती है। आमतौर पर, लोगों के पास सफेद रंग का आधार कार्ड होता है, जबकि छोटे बच्चों के लिए जारी किया जाने वाला आधार कार्ड नीले रंग का होता है।


बाल आधार का महत्व

इस नीले आधार कार्ड को बाल आधार या ब्लू आधार कहा जाता है। यह केवल रंग में भिन्न नहीं है, बल्कि इसमें बच्चे की उम्र और बायोमेट्रिक जानकारी के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बाल आधार बनाते समय आमतौर पर उंगलियों के निशान और आइरिस स्कैन नहीं लिए जाते हैं। इसकी पहचान मुख्य रूप से फोटो और जनसांख्यिकीय जानकारी पर आधारित होती है।


माता-पिता की भूमिका

बाल आधार को माता-पिता में से किसी एक के आधार नंबर से जोड़ा जाता है, जिससे बच्चे की पहचान संबंधी जानकारी अभिभावक के आधार रिकॉर्ड से जुड़ जाती है। सामान्य आधार में उम्र के अनुसार बायोमेट्रिक जानकारी होती है, जबकि छोटे बच्चों के लिए यह प्रक्रिया अलग होती है।


बायोमेट्रिक अपडेट की आवश्यकता

बच्चे के 5 साल का होने पर आधार में बायोमेट्रिक जानकारी को अपडेट कराना आवश्यक होता है। इस दौरान बच्चे के फिंगरप्रिंट और आइरिस की जानकारी दर्ज की जाती है। इसका मतलब यह है कि बाल आधार बनवाने के बाद भी माता-पिता की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती, बल्कि उम्र के अनुसार आवश्यक अपडेट कराना पड़ता है।


15 साल की उम्र में अपडेट

5 साल की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट कराने के बाद, एक और महत्वपूर्ण चरण होता है। जब बच्चा 15 साल का होता है, तो फिर से बायोमेट्रिक जानकारी को अपडेट कराना आवश्यक होता है। उम्र के साथ आधार रिकॉर्ड में आवश्यक पहचान संबंधी जानकारी को अद्यतित रखना महत्वपूर्ण है। माता-पिता को इन अनिवार्य अपडेट का ध्यान रखना चाहिए।


बाल आधार बनवाने की प्रक्रिया

बच्चे का बाल आधार बनवाने के लिए नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर पर जाना होगा। माता-पिता बच्चे के एनरोलमेंट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप और माता-पिता में से किसी एक का मूल आधार कार्ड साथ लाना होगा। केंद्र पर बच्चे की फोटो और आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी। बच्चे का विवरण माता-पिता में से किसी एक के आधार से लिंक किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधार जारी किया जाएगा। एनरोलमेंट के लिए UIDAI की वेबसाइट पर अपॉइंटमेंट बुक करने का विकल्प भी उपलब्ध है। आवेदन या अपडेट से पहले मौजूदा नियमों की जानकारी अवश्य जांचें।