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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित 15 जिलों में जनजीवन

गुरुग्राम-नूंह में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने 15 जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। जहां कर्मचारियों ने मरम्मत के लिए नहीं पहुंचने से अंधेरा छा गया, वहीं प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति को बहाल किया। एसडीएम संदीप कुमार की तत्परता से तोशाम में स्थिति सामान्य हुई। जानें इस हड़ताल के पीछे की वजह और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
 

हड़ताल का प्रभाव

चंडीगढ़/तोशाम। गुरुग्राम-नूंह क्षेत्र में एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू की है, जिसका असर पहले ही दिन 15 जिलों में देखा गया। गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, हांसी, रोहतक, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पंचकूला, अंबाला, झज्जर और महेंद्रगढ़ में जहां भी बिजली में समस्या आई, वहां कर्मचारी मरम्मत के लिए नहीं पहुंचे। इससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ, कई क्षेत्रों में अंधेरा छा गया और पेयजल आपूर्ति भी बाधित हुई।


प्रशासन की तत्परता

भिवानी जिले में उपायुक्त साहिल गुप्ता के निर्देशों के बाद प्रशासन ने अलर्ट मोड में काम करना शुरू किया। डीसी साहिल गुप्ता ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए निर्देशित किया। इसी क्रम में, तोशाम के एसडीएम संदीप कुमार ने सक्रियता दिखाई और बिजली निगम के सब-डिवीजनों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों और वैकल्पिक स्टाफ के साथ समन्वय स्थापित कर खराब फीडरों को चालू किया और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए।


स्थानीय लोगों की सराहना

एसडीएम संदीप कुमार की इस सक्रियता से तोशाम कस्बे में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू हो गई, जिससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली। इस अवसर पर डीएसपी दलीप सिंह और नायब तहसीलदार अशोक कुमार भी उपस्थित थे। स्थानीय लोगों ने डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन और एसडीएम संदीप कुमार की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की, यह कहते हुए कि हड़ताल के इस दौर में प्रशासन का यह कदम सराहनीय है।