×

बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज: लालू की उपस्थिति से बढ़ी हलचल

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के अवसर पर तेज प्रताप यादव ने दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया, जिसमें लालू यादव की उपस्थिति ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया। इस भोज में विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया, जबकि तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए। तेज प्रताप ने इसे सामाजिक एकता का प्रयास बताया और अपने राजनीतिक अस्तित्व को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की। जानें इस भोज के पीछे की कहानी और तेज प्रताप की नई रणनीति के बारे में।
 

बिहार में मकर संक्रांति पर तेज प्रताप का भोज


पटना: मकर संक्रांति के अवसर पर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई, जब जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने पटना में अपने निवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस पारंपरिक भोज में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। खास बात यह रही कि राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए।


भोज का सामाजिक एकजुटता का प्रयास

तेज प्रताप यादव द्वारा आयोजित इस भोज को केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं माना गया। इसमें एनडीए, महागठबंधन और अन्य दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया था। तेज प्रताप ने इसे सामाजिक एकता का प्रयास बताया। भोज के दौरान नेताओं और समर्थकों के बीच बिहार की वर्तमान राजनीति और आगामी चुनावों पर चर्चा होती रही। इस आयोजन के माध्यम से तेज प्रताप ने अपने राजनीतिक अस्तित्व को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की।


लालू यादव की उपस्थिति का महत्व

कार्यक्रम में लालू प्रसाद यादव की उपस्थिति सबसे बड़ा आकर्षण रही। उन्होंने अपने बेटे तेज प्रताप को आशीर्वाद दिया और कुछ समय तक कार्यक्रम में रहे। मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा कि उन्हें पिता और राज्यपाल का आशीर्वाद मिला है। उन्होंने संकेत दिया कि बड़े-बुजुर्गों के आशीर्वाद से वे एक नया राजनीतिक सफर शुरू करने जा रहे हैं और जल्द ही पूरे बिहार में यात्रा निकालेंगे।


तेजस्वी की अनुपस्थिति पर हल्की चुटकी

जब मीडिया ने तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति के बारे में सवाल किया, तो तेज प्रताप ने हल्के-फुल्के अंदाज में उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को न्योता भेजा गया था, लेकिन वह छोटे भाई हैं और देर से उठते हैं। इस बयान को राजनीतिक हलकों में भाई-भाई के रिश्तों में खटास से जोड़ा जा रहा है, हालांकि तेज प्रताप ने इसे सामान्य पारिवारिक बात बताया।


न्योते और पारिवारिक पृष्ठभूमि

तेज प्रताप ने बताया कि वह एक दिन पहले 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास पर गए थे, जहां उन्होंने मां-पिता के साथ तेजस्वी यादव को भी व्यक्तिगत रूप से भोज का न्योता दिया था। इसके बावजूद तेजस्वी का न पहुंचना चर्चा का विषय बना रहा। माना जा रहा है कि पारिवारिक और राजनीतिक मतभेद अब भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।


नई पार्टी और भविष्य की रणनीति

अनुष्का यादव से जुड़े विवाद के बाद लालू यादव द्वारा पार्टी और परिवार से अलग किए जाने के बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल का गठन किया। विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद वे सक्रिय राजनीति में बने हुए हैं। अब उनका ध्यान बिहार समेत अन्य राज्यों में संगठन को मजबूत करने पर है। दही-चूड़ा भोज को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां उन्होंने सभी दलों से संवाद का संकेत दिया।