बिहार दिवस 2023: पटना में भव्य समारोह की तैयारियां पूरी
बिहार का 114वां स्थापना दिवस
पटना: बिहार इस वर्ष अपने 114वें स्थापना दिवस को विशेष तरीके से मनाने की तैयारी कर रहा है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में तीन दिवसीय समारोह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार शाम इस भव्य आयोजन का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में राज्य की संस्कृति, परंपरा और विकास की झलक देखने को मिलेगी। साथ ही, देशभर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से इस समारोह को और भी रंगीन बनाएंगे।
गांधी मैदान में भव्य शुरुआत
पटना का गांधी मैदान एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। शाम साढ़े पांच बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्य मंच से बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन करेंगे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री सुनील कुमार करेंगे। आयोजन स्थल को भव्य सजावट और आधुनिक सुविधाओं से सजाया गया है।
प्रशासन की तैयारियां
समारोह को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने अपनी टीम के साथ गांधी मैदान का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आयोजन स्थल पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।
संस्कृति और नवाचार का संगम
इस आयोजन का थीम 'उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार' है, जिसमें राज्य की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को बिहार की समृद्ध परंपरा और प्रगति से जोड़ना है।
संगीत का जादू
तीन दिनों तक चलने वाले इस समारोह में कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। पहले दिन गायिका सोना मोहपात्रा, दूसरे दिन गायक शान और तीसरे दिन पापोन अपनी आवाज से माहौल को संगीत से भर देंगे। इसके अलावा, श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल और रविन्द्र भवन में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
इतिहास और उत्सव का महत्व
22 मार्च 1912 को बिहार को एक अलग प्रांत का दर्जा मिला था, जिसे हर साल बिहार दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह आयोजन न केवल राज्य के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है, बल्कि विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। इस बार का आयोजन पहले से अधिक भव्य और यादगार बनने की उम्मीद है।